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Sonbhadra। डाला नगर में लंबे समय से व्याप्त दुर्गंध की समस्या को लेकर रविवार को नगर पंचायत कार्यालय में सदर विधायक भूपेश चौबे के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदूषण विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन तथा अल्ट्राटेक कंपनी के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य नगरवासियों को दुर्गंध की समस्या से स्थाई राहत दिलाने के लिए ठोस समाधान तलाशना रहा।
जानकारी के अनुसार डाला नगर पंचायत की चेयरमैन फुलवंती कुमारी ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की सूचना जिला प्रशासन को दी थी। हालांकि जनपद में शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने बिना अनुमति आंदोलन की अनुमति नहीं दी और अधिकारियों के निर्देशानुसार संयुक्त बैठक आयोजित कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में नगरवासियों ने अल्ट्राटेक से निकलने वाली दुर्गंध की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। विचार-विमर्श के बाद एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर कर सहमति बनाई गई, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी नियमों का पालन करने, कूड़ा परिवहन में ओवरलोडिंग रोकने, कूड़े को ढककर लाने तथा परिवहन के दौरान दुर्गंध फैलने से रोकने के उपाय सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। साथ ही समस्या की निगरानी और समाधान की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक निगरानी टीम गठित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में ओबरा एसडीएम विवेक कुमार सिंह, प्रदूषण विभाग के एसडीओ जे.एन. तिवारी, सीओ सिटी रणधीर मिश्रा, अल्ट्राटेक के एडमिन हेड पीयूष शुक्ला, ईओ अखिलेश सिंह, चेयरमैन फुलवंती कुमारी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
रामलीला मैदान में बैठक कराने की मांग पर बना असमंजस:
दुर्गंध की समस्या को लेकर नगर की राजनीति भी दो धड़ों में बंटी नजर आई। अधिकारियों की बैठक की सूचना मिलते ही चेयरमैन फुलवंती कुमारी, सुभाष पाल, आमिल बेग तथा सभासद नितेश कुमार अपने समर्थकों के साथ रामलीला मैदान में कुर्सी-मेज लगाकर बैठ गए। चेयरमैन ने मांग की कि नगर से जुड़ी समस्या पर चर्चा खुले मैदान में सभी लोगों की मौजूदगी में होनी चाहिए।
सूचना मिलने पर ओबरा एसडीएम विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों के निर्देशों का हवाला देते हुए खुले स्थान पर बैठक कराने से इंकार कर दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली, लेकिन एसडीएम की सूझबूझ तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति शांत हुई। बाद में सभी लोगों को वाहनों के माध्यम से नगर पंचायत कार्यालय लाया गया, जहां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक संपन्न हुई।





