संवाददाता@विशाल टंडन…

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक/पूर्व जिलाध्यक्ष अविनाश कुशवाहा ने केंद्र सरकार की नई डीजल नीति को किसान विरोधी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 11 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने के लिए विशेष प्रमाणित (PESO-अनुमोदित) कंटेनरों को अनिवार्य किए जाने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अविनाश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि अब किसान साधारण प्लास्टिक गैलन या पारंपरिक ड्रम में डीजल नहीं ले जा सकेंगे, जबकि सिंचाई और पंपसेट संचालन के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि प्रमाणित कंटेनरों की कीमत हजारों रुपये है, जिससे पहले से लागत और कर्ज के दबाव में चल रहे किसानों की परेशानी बढ़ेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था से कंटेनर निर्माण करने वाली चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में लागू किए गए इस नियम से किसानों को समय पर सिंचाई करने में कठिनाई होगी और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे वाहनों के माइलेज और इंजन की कार्यक्षमता पर असर पड़ रहा है।
सपा नेता ने मांग की कि खेती और सिंचाई कार्यों के लिए डीजल ले जाने में पारंपरिक गैलन और ड्रम के उपयोग की अनुमति दी जाए तथा इस नीति की समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस निर्णय से किसे लाभ पहुंच रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच कराए। समाजवादी पार्टी ने किसानों के हित में इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है।





