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मरम्मत करो या फिर… दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद जगी LDA, 25 साल पुरानी इमारतों पर चलेगा हथौड़ा

Admin by Admin
September 11, 2026
in उत्तर प्रदेश
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मरम्मत करो या फिर… दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद जगी LDA, 25 साल पुरानी इमारतों पर चलेगा हथौड़ा


Last Updated:September 10, 2026, 23:58 IST

Lucknow Development Authority: नई दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी आवासीय योजनाओं में 25 साल से अधिक पुरानी और जर्जर इमारतों का अनिवार्य रूप से सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है. जांच में असुरक्षित पाए जाने पर भवनों की मरम्मत या ध्वस्तीकरण की सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मरम्मत करो या… दिल्ली PG हादसे के बाद जगी LDA, 25 साल पुरानी इमारतों पर एक्शनZoom

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में लखनऊ प्रशासन

लखनऊ: देश की राजधानी नई दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने से हुए भीषण और दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. किसी भी संभावित बड़े और विनाशकारी हादसे को टालने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है. एलडीए अब अपनी तमाम आवासीय योजनाओं में 25 वर्ष से अधिक पुरानी और जर्जर इमारतों का व्यापक स्तर पर सेफ्टी ऑडिट कराने जा रहा है.

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संवेदनशील मामले पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण के सभी सातों जोनल अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं. लखनऊ की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में इन पुरानी इमारतों की पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:

  • गोमतीनगर
  • अलीगंज
  • जानकीपुरम
  • कानपुर रोड
  • शारदा नगर
  • महानगर
  • आशियाना

इन सभी प्रमुख योजनाओं में उपाध्यक्ष ने प्रत्येक जोनल अधिकारी को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 20 ऐसी पुरानी व जर्जर इमारतों को चिन्हित करने का सख्त लक्ष्य सौंपा है. गौरतलब है कि अब तक खतरनाक और जर्जर भवनों को चिन्हित करने का जिम्मा मुख्य रूप से नगर निगम के पास रहा है, लेकिन दिल्ली की इस दर्दनाक घटना के बाद अब एलडीए ने खुद मोर्चा संभाल लिया है ताकि शहर में किसी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके.

सेफ्टी ऑडिट में असुरक्षित मिलने पर होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
एलडीए के इस विशेष अभियान के तहत चिन्हित की जाने वाली 25 साल पुरानी इमारतों की जांच विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी टीम द्वारा की जाएगी. इस विस्तृत सेफ्टी ऑडिट के दौरान भवनों की नींव, बीम, पिलर और कुल संरचनात्मक मजबूती की बारीकी से जांच होगी.

  • यदि तकनीकी जांच में कोई भवन रहने योग्य नहीं पाया जाता है, तो संबंधित भवनस्वामी को नोटिस देकर अनिवार्य रूप से सुरक्षित उपाय या मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएंगे.
  • यदि भवनस्वामी तय समय सीमा के भीतर मरम्मत नहीं करवाता है या इमारत अति-जर्जर स्थिति में मिलती है, तो आम जनता की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एलडीए नियमानुसार उस भवन को तत्काल ध्वस्त करने की सख्त कार्रवाई करेगा.
  • प्राधिकरण ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अलीगंज के 51 अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट में टकटकी
एक तरफ जहां एलडीए पुराने भवनों के सेफ्टी ऑडिट में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ अलीगंज क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए गए 51 खतरनाक और अवैध निर्माणों का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इन अवैध निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है, जिसे ‘लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य’ के साथ सुना जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट की तकनीकी टीम ने हाल ही में 5 सितंबर को लखनऊ आकर इन तमाम अवैध निर्माणों का जमीनी और स्थलीय सर्वे किया था. हालांकि यह सुनवाई पहले 15 सितंबर को होनी थी, लेकिन दिल्ली में हुए भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए इसे पहले ही सूचीबद्ध कर लिया गया है. एलडीए की वरिष्ठ विधिक टीम ने इस मामले की मजबूत पैरवी के लिए पहले ही दिल्ली में डेरा डाल दिया है. शुरुआती सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि चिन्हित किए गए मामलों में से 45 आवासीय भूखंडों पर धड़ल्ले से अवैध रूप से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, अस्पताल और रेस्टोरेंट संचालित किए जा रहे हैं. इनमें से 39 लोगों ने शमन के लिए आवेदन किया है और मात्र 17 ने ही अभी तक शुल्क जमा किया है.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

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Location :

Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

September 10, 2026, 23:58 IST



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