संवाददाता@मोहम्मद इब्राहिम…

दुद्धी तहसील मुख्यालय दुद्धी में तैनात लेखपालों की कार्यशैली को लेकर आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के लंबित रहने से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज हैं। अभिभावकों का आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन किए जाने के 10 से 15 दिन बीत जाने के बावजूद प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।

गुरुवार को तहसील परिसर में कई अभिभावक संबंधित लेखपालों की तलाश करते नजर आए, लेकिन अधिकांश लेखपाल अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले। अभिभावकों का यह भी आरोप है कि फोन करने पर भी लेखपाल न तो कॉल रिसीव करते हैं और न ही कोई संतोषजनक जवाब देते हैं।
भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुद्धी तहसील के लेखपालों की कार्यप्रणाली मनमानीपूर्ण हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के जरूरी कार्यों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर लंबित कार्यों का निस्तारण नहीं किया गया और लेखपालों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
सुरेंद्र अग्रहरि ने कहा कि अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को राहत मिल सके।





