संवाददाता@विशाल टंडन……

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा, उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष प्रतिमा सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कार्यकत्रियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के बावजूद वे आज भी अपने मूल अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक तंगी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका जीवन कठिन होता जा रहा है।
संगठन की ओर से बताया गया कि 8 मार्च 2026 को महिला दिवस के अवसर पर आंदोलन के दौरान सरकार ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन 30 अप्रैल तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते कार्यकत्रियों में रोष बढ़ता जा रहा है। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
ज्ञापन मे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतनमान, पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, सवेतन अवकाश, चिकित्सा सुविधा, मातृत्व लाभ तथा सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इस दौरान वंदना सिंह राठौर, निशा देवी, पार्वती, सुधा जापमवाल, अमृता, लक्ष्मी जायसवाल, मोमिना, ताहिरा बेगम, सन्तरा, निर्मला, रीता, पिंकी, बविता, ज्योति, दीपा, धर्मावती, सुशीला, रानी, कृष्णावती, प्रेमलता यादव, प्रेमशीला, स्नेहलता यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।