संवाददाता@अमिताभ मिश्रा……

स्थानीय नगर के मुर्धवा क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय परशुराम परिषद के तत्वावधान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि समाजसेवी मनोज पांडेय और राजकीय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य राज नारायण मिश्र द्वारा भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन कर की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मनोज पांडेय ने कहा कि भगवान परशुराम न्याय, साहस और धर्म के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और समाज में समरसता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। वहीं पूर्व प्रधानाचार्य राज नारायण मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि एक महान तपस्वी और विद्वान भी थे।
उन्होंने समाज को शिक्षा और संस्कार का महत्व समझाया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने सांस्कृतिक मूल्यों को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ाएं। डॉ. आशुतोष दत्त त्रिपाठी ने कहा कि परशुराम जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक माध्यम है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में भाईचारा और एकता मजबूत होती है। वहीं विजय नाथ पांडे ने कहा कि हमें अपने इतिहास और परंपराओं पर गर्व करना चाहिए और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना चाहिए।
कार्यक्रम के आयोजक उमेश ओझा ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और सांस्कृतिक विरासत को संजोना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे।
इस अवसर पर पं. दीपकृष्ण महाराज, देवेंद्र शुक्ला, पंकज मिश्रा, मनीष मिश्रा, रविंद्र पांडेय, अजय तिवारी, संदीप तिवारी, मनोज तिवारी समेत बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। संचालन मस्तराम मिश्रा ने किया,कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।