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who is Meenakshi goyat: जींद के एक साधारण किसान की बेटी मीनाक्षी गोयत ने कुश्ती के अखाड़े में बड़ा उलटफेर करते हुए दिग्गज अंतिम पंघाल को पटखनी दे दी. बरसों के आत्म-संदेह को पीछे छोड़ते हुए मीनाक्षी ने 53 किग्रा भार वर्ग के चयन ट्रायल्स में वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेडलिस्ट अंतिम को ‘विन बाय फॉल’ से हराया. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मीनाक्षी ने अगले महीने किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली.

मीनाक्षी गोयत ने किया बड़ा उलटफेर.
नई दिल्ली. भारतीय कुश्ती के आकाश में एक नया सितारा उभरा है मीनाक्षी गोयत. हरियाणा के जींद जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली इस बेटी ने वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी. एशियाई चैंपियनशिप के लिए हुए चयन ट्रायल्स में मीनाक्षी ने दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता और भारतीय कुश्ती की ‘पोस्टर गर्ल’ अंतिम पंघाल को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया. सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक की देखरेख में पसीना बहाने वाली दो बार की नेशनल चैंपिश्यन 25 वर्षीय मीनाक्षी के लिए यह जीत महज एक मुकाबला नहीं, बल्कि बरसों की तपस्या का फल है. 53 किग्रा भार वर्ग में जहां विनेश फोगाट के बाद अंतिम पंघाल का एकछत्र राज माना जा रहा था, वहां मीनाक्षी ने अपनी मजबूत रक्षात्मक तकनीक से सबको चौंका दिया.
मुकाबले की शुरुआत से ही मीनाक्षी गोयत (Meenakshi Goyat) ने आक्रामक रुख अपनाया. एक समय स्कोर 2-2 की बराबरी पर था, लेकिन दूसरे पीरियड में मीनाक्षी ने पासा पलट दिया. उन्होंने लगातार टेकडाउन करते हुए स्कोर 6-2 किया और मुकाबले के आखिरी 9 सेकंड में अंतिम को ‘विन बाय फॉल’ (चित करके) से हराकर इतिहास रच दिया. जीत के बाद मीनाक्षी के शब्द उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि पहले वह बड़े नामों के खिलाफ खेलते समय दबाव में आ जाती थीं. अपनी इस चौंकाने वाली हार से पहले अंतिम पंघाल ने रिया और जूली के खिलाफ दोनों मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर बिना एक भी अंक गंवाए और बहुत कम समय में जीत लिए थे. इसी तरह मीनाक्षी ने भी गौरी और अंजली के खिलाफ दोनों मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर बिना एक भी अंक गंवाए जीते थे.
मीनाक्षी गोयत ने किया बड़ा उलटफेर.
‘मैंने रात भर सकारात्मक सोच बनाए रखी’
मीनाक्षी ने कहा, ‘मेरे मन में अपनी क्षमता को लेकर संदेह था, जिसे मैंने इस बार दूर कर लिया. मैंने खुद से कहा कि मैं जीत चुकी हूं और एशियाई चैंपियनशिप के लिए जा रही हूं. मैंने रात भर सकारात्मक सोच बनाए रखी और अंतिम की गलतियों का पूरा फायदा उठाया.’ इस जीत के साथ ही मीनाक्षी गोयत ने 6 से 11 अप्रैल तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय महिला टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. पहले 50 किग्रा में खेलने वाली मीनाक्षी अब 53 किग्रा वर्ग की नई सनसनी हैं.
पुरुष टीम में भी सितारों का जमावड़ा
पुरुषों के फ्रीस्टाइल वर्ग में भी भारतीय टीम का चयन पूरा हो गया है. स्टार पहलवान अमन सहरावत (61 किग्रा), सुजीत कलकल (65 किग्रा), और विक्की (97 किग्रा) जैसे धुरंधर एशियाई चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

