संवाददाता@विशाल टंडन……
— स्मार्ट मीटर, जल संकट, अधूरी सड़कों और जमीन खरीद में अनियमितताओं पर उठी आवाज

जनपद सोनभद्र के विकास खंड चोपन अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा की विभिन्न जनसमस्याओं के त्वरित निवारण की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला अधिकारी सोनभद्र को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन दीपू शर्मा (पूर्व छात्र संघ मंत्री, ओबरा पीजी कॉलेज) के नेतृत्व में सौंपा गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत कोटा में लंबे समय से कई गंभीर और मूलभूत समस्याएं
व्याप्त हैं, जिनके कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नव नियुक्त जिलाधिकारी को बधाई देते हुए अपेक्षा जताई कि वे इन समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से स्मार्ट/प्रीपेड विद्युत मीटर की समस्या उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद सोनभद्र एक आदिवासी बहुल एवं पिछड़ा क्षेत्र है, जहां अधिकांश लोग आर्थिक और शैक्षिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर जैसी जटिल प्रणाली को समझना और उसका खर्च वहन करना उनके लिए कठिन हो रहा है।
अत्यधिक बिजली बिल, तकनीकी खामियां और पारदर्शिता के अभाव के कारण लोग परेशान हैं, जबकि शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही कई टोले आज भी बिजली सुविधा से वंचित हैं, जबकि कुछ उपभोक्ताओं को बिना बिजली उपयोग के भी बिल भेजे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए सुधार की मांग की।ग्रामीणों ने कनहर नदी में बढ़ते जल संकट की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया।
उनका कहना है कि अमवार बांध के निर्माण के बाद नदी में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो गया है, जिससे पशु-पक्षियों और स्थानीय लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पेयजल की समस्या भी गांव के कई हिस्सों में गंभीर बनी हुई है। पर्याप्त हैंडपंपों का अभाव है और जलकल योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही हैं। विशेष रूप से मनिजराडंडी क्षेत्र के लोग इस समस्या से अधिक प्रभावित हैं।
इसके अलावा कोटा बाजार से छठ घाट तक बनने वाली सड़क अधूरी और जर्जर अवस्था में पड़ी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। छठ पर्व जैसे अवसरों पर महिलाओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटा से अम्माटोला तक बनने वाला लिंक रोड भी बजट के अभाव में अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे छात्रों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
ग्राम पंचायत में खेल मैदान के अभाव का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया। उनका कहना है कि इतने बड़े गांव में युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। भूमि क्रय-विक्रय में अनियमितताओं को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई। आरोप है कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी द्वारा बिचौलियों के माध्यम से गरीब और आदिवासी ग्रामीणों की जमीनें कम कीमत पर खरीदी जा रही हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सभी समस्याओं का शीघ्र संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने और स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस अवसर पर आतिश चंद्रवंशी (क्षेत्र पंचायत सदस्य), केशव गोड़, सुरेंद्र गोड़, रोहित साहनी, कृपा शंकर, मंजू, फूलवंती, मुन्नी, सोनी, शाहिद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।