संवाददाता@विशाल टंडन……

जनपद में शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, अवैध रूप से संचालित विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों तथा कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि जिले में कई विद्यालय बिना मान्यता एवं निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
साथ ही कोचिंग संस्थानों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश, अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली, स्टेशनरी व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया कि कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होतीं और विद्यार्थी केवल परीक्षा के समय ही उपस्थित होते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। फार्मेसी एवं अन्य संस्थानों में प्रयोगशालाओं, योग्य शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी गंभीर समस्या बताया गया।
एबीवीपी ने यह भी उल्लेख किया कि जिले में दर्जनों की संख्या में अवैध कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जबकि केवल कुछ ही संस्थान मान्यता प्राप्त हैं। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग पर जांच के नाम पर औपचारिकता निभाने और प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।संगठन ने मांग की कि सभी अवैध विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो एबीवीपी जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत SFS सह संयोजक राहुल जलान, तहसील संयोजक योगेश, आशुतोष, सिद्धार्थ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
