मुख्यालय@विशाल टंडन…..

सोनभद्र के परिवहन विभाग (आरटीओ कार्यालय) एक बार फिर कथित अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निर्माण, फिटनेस जांच और अन्य परिवहन सेवाओं में मनमानी वसूली और प्रक्रियागत लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अनिवार्य किए गए ड्राइविंग टेस्ट के बावजूद जिले में पीपीपी मॉडल पर संचालित एटीएस सेंटर, मोटर ट्रेनिंग स्कूल और वाहन फिटनेस केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इन प्रक्रियाओं में नियमों की अनदेखी और अनियमित वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित तौर पर धन उगाही के आरोप लगाए।
धर्मवीर तिवारी का कहना है कि बिना लेन-देन के किसी भी कार्य को पूरा नहीं किया जा रहा है, चाहे वह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया हो या वाहन से जुड़ी अन्य सेवाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेनिंग सेंटरों द्वारा खुलेआम अतिरिक्त धन की मांग की जा रही है और शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि कई एजेंसियों के वाहन रजिस्ट्रेशन पिछले लगभग छह महीनों से लंबित हैं, जिनकी संख्या करीब 500 बताई जा रही है। साथ ही फिटनेस प्रक्रिया में भी अतिरिक्त शुल्क की मांग और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन फिटनेस और अन्य औपचारिकताओं के दौरान अतिरिक्त वसूली के बिना कार्य नहीं किया जा रहा, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आम जनता का सरकारी व्यवस्था से भरोसा कमजोर हो सकता है, जिसका असर शासन की छवि पर भी पड़ेगा। इस मौके पर उनके साथ सत्येंद्र आर्य, लालू प्रजापति, आनंद मिश्रा, योगेश सिंह और आशु विश्वकर्मा समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।