संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..
कलपाथी हेरिटेज विलेज, एफसीआरआई और परांबीकुलम टाइगर रिजर्व का किया भ्रमण

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ (चरण-7) के तहत उत्तर प्रदेश से आए छात्र एवं युवा प्रतिनिधिमंडल ने केरल की ऐतिहासिक धरोहर, तकनीकी विकास और प्राकृतिक संपदा का अध्ययन किया।
प्रतिनिधिमंडल ने केरल के पहले हेरिटेज विलेज के रूप में प्रसिद्ध ऐतिहासिक ‘कलपाथी अग्रहारम’ का भ्रमण किया। यहां कलपाथी नदी के तट पर स्थित श्री विशालाक्षी समेत काशी विश्वनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन कर पारंपरिक तमिल ब्राह्मण बसावट की वास्तुकला, जीवनशैली और स्थानीय संस्कृति को समझा। इस दौरान युवाओं ने उत्तर और दक्षिण भारत के साझा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी महसूस किया।
इसके बाद दल ने पलक्कड़ स्थित केंद्रीय स्वायत्त संस्थान द्रव नियंत्रण अनुसंधान संस्थान (एफसीआरआई) का दौरा किया। यहां विशेषज्ञों ने फ्लो मीटरिंग, औद्योगिक परीक्षण, द्रव प्रवाह प्रौद्योगिकी और देश के बुनियादी ढांचे में संस्थान के योगदान की जानकारी दी।

यात्रा के अगले चरण में प्रतिनिधिमंडल ने परांबीकुलम टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया। वन सफारी के दौरान युवाओं ने जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास का अवलोकन किया। साथ ही विश्व प्रसिद्ध प्राचीन ‘कन्निमारा टीक’ सागौन वृक्ष को भी देखा, जिसे भारत सरकार द्वारा महावृक्ष पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेश के नोडल अधिकारी एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के आचार्य डॉ. बाला लखेन्द्र ने इस यात्रा को शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देते हैं।