संवाददाता@संदीप कुमार…

बच्चों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। गावी और यूनिसेफ के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शुक्रवार को म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से टीकाकवच जागरूकता वाहन को सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

गांव-गांव पहुंचने वाली इस जागरूकता वैन के जरिए ग्रामीणों को बच्चों के नियमित टीकाकरण का महत्व समझाया जाएगा। वैन पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से टीकाकरण से संबंधित वीडियो दिखाकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान का मुख्य संदेश है कि पांच साल में सात बार टीकाकरण कराएं, ताकि कोई भी बच्चा सुरक्षा के टीकों से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नियमित टीकाकरण से बच्चों को टीबी, पोलियो, खसरा, टिटनेस, काली खांसी, गलघोंटू समेत 12 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, भ्रांतियों और अभिभावकों की झिझक के कारण बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं।

गावी की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर विद्युत्तमा तिवारी ने बताया कि टीकाकवच वाहन काशीकुड़, बघमंदवा, लौबंध, देवरी, सरतानटोला, खमरिया टोला, कमरीडाड़, खंता, स्वानगंज, गड़िया, चपरा और चौराडांड़ सहित अन्य गांवों और टोलों तक पहुंचेगा। खासतौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां अभिभावक बच्चों का टीकाकरण कराने से डरते हैं, मना करते हैं या टीकाकरण का स्तर कम है।

उन्होंने बताया कि एलईडी स्क्रीन पर वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों को टीकाकरण के फायदे बताए जा रहे हैं। साथ ही टीकों को लेकर फैली गलत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। यह अभियान 15 नवंबर 2026 तक संचालित होगा।

अभियान के माध्यम से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का टीकाकरण निर्धारित समय पर जरूर कराएं। यदि किसी कारणवश कोई टीका छूट गया है तो घबराने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या टीकाकरण सत्र पर पहुंचकर टीका लगवाएं।

अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करना है। इस मौके पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, अजय चौहान, सलीम, प्रदीप सहित तमाम स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।