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Bule Drum Muskan Rastogi: मुस्कान रस्तोगी को कल यानी 14 अक्टूबर को कोर्ट सजा सजा का फैसका सुनाएगी. उससे पहले दोषी मुस्कान रस्तोगी ने जेलर से अपनी इच्छा जताई है. मुस्कान ने जेलर से कहा कि वह अपनी 6 साल की बेटी से एक बार मिलना चाहती है.
सौरभ हत्याकांड दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल की तस्वीर.
मेरठ: यूपी में मेरठ के चर्चित नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड में 14 अक्टूबर को सजा का ऐलान होगा. इससे पहले दोषी मुस्कान रस्तोगी ने जेलर से अपनी इच्छा जताई है. मुस्कान ने कहा कि वह अपनी 6 साल की बेटी से मिलना चाहती है. यह जानकारी मेरठ मंडल जेल के सीनियर जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने News18 इंडिया से खास बातचीत में दी है.
मुस्कान और साहिल करीब डेढ़ साल से जेल में बंद हैं. दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है. अब 14 अक्टूबर को अदालत उनकी सजा पर फैसला सुनाएगी. वीरेश राज शर्मा ने News18 इंडिया को बताया कि मुस्कान ने जेल से बाहर रह रही अपनी 6 साल की बेटी से मिलने की इच्छा जताई है. हालांकि, अभी तक इस मुलाकात के लिए कोई अनुरोध या सूचना जेल प्रशासन के पास नहीं आई है. ऐसे में फिलहाल यह मुलाकात तय नहीं हुई है. इस मामले में अदालत का फैसला बेहद अहम है.
14 अक्टूबर को सुनाई जाएगी सजा
सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया जा चुका है. अब अदालत 14 अक्टूबर को दोनों की सजा पर फैसला सुनाएगी. इस सुनवाई को लेकर दोनों परिवारों के साथ-साथ मामले पर नजर रखने वाले लोगों की भी निगाहें टिकी हैं.
जेल आने पर नशे के आदी थे दोनों
सीनियर जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बातचीत में बताया कि मुस्कान और साहिल जब जेल में आए थे, तब दोनों नशे के आदी थे. जेल प्रशासन ने उनकी काउंसलिंग कराई. उनके मुताबिक, करीब तीन महीने में दोनों की नशे की आदत छुड़ाने में मदद मिली. इसके बाद जेल के नियमों के तहत उन्हें काम सीखने और करने का मौका दिया गया.
जेल के अंदर मुस्कान ने सीखा सिलाई-कढ़ाई का काम
जेल अधीक्षक के मुताबिक, मुस्कान ने जेल के अंदर सिलाई-कढ़ाई का काम सीखना शुरू किया था. इसी दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली. जेल प्रशासन ने नियमों के मुताबिक उसे जरूरी सुविधाएं दीं. नवंबर में बच्ची के जन्म के बाद उससे काम नहीं लिया गया, क्योंकि विचाराधीन कैदियों से काम लेने के नियम अलग होते हैं.
साहिल ने खेती और बागवानी का काम चुना
वीरेश राज शर्मा ने बताया कि साहिल ने जेल के अंदर खेती-बाड़ी और बागवानी का काम चुना और इसे सीखा. वहीं, मुस्कान जेल में नियमित रूप से भजन और पूजा-पाठ में भी हिस्सा लेती रही. जेल अधीक्षक के अनुसार, मेरठ से सांसद अरुण गोविल की ओर से बंदियों को रामायण बांटी गई थी. जिन बंदियों ने इसे लेना चाहा, उनमें मुस्कान और साहिल भी शामिल थे.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई
सीनियर जेल अधीक्षक ने बताया कि 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होनी है. इसी दौरान अदालत मुस्कान रस्तोगी और साहिल की सजा पर फैसला सुनाएगी. सौरभ राजपूत हत्याकांड में अब तक की सुनवाई के बाद सबकी नजर अदालत के फैसले पर है. वहीं, सजा के ऐलान से पहले मुस्कान की अपनी बेटी से मिलने की इच्छा भी चर्चा में है. फिलहाल जेल प्रशासन को इस मुलाकात के संबंध में कोई अनुरोध नहीं मिला है. अब देखना होगा कि आगे इस संबंध में कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…

