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How to Earn Money from Paddy Straw: धान की कटाई के बाद खेत में बचने वाली पराली अब किसानों के लिए कमाई का जरिया बन सकती है. इसे जलाने के बजाय किसान बंडल बनाकर बेच सकते हैं या पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. शाहजहांपुर के प्रगतिशील किसान रनजोड़ सिंह के मुताबिक, एक एकड़ खेत से करीब 10 से 15 क्विंटल पराली के बंडल तैयार किए जा सकते हैं. बाजार में इसकी कीमत करीब 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक है. सीएनजी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनियां भी पराली को कच्चे माल के रूप में खरीद रही हैं. ऐसे में किसान फसल के अवशेष को बेकार समझकर जलाने के बजाय उससे अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. जानिए पराली बेचने का तरीका और इससे कितनी कमाई हो सकती है.
शाहजहांपुर: आज के समय में पराली प्रबंधन किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनने के साथ-साथ कमाई का बेहतरीन जरिया भी बनता जा रहा है. धान की फसल की कटाई के बाद खेत में बचने वाली पराली को जलाने के बजाय, किसान अब इसका सही इस्तेमाल करके अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं. हार्वेस्टर से कटाई करने के बाद खेतों में काफी मात्रा में अवशेष रह जाते हैं. किसान इस पराली को सूखे चारे के रूप में उपयोग कर सकते हैं या फिर बाजार में बेच सकते हैं. सीएनजी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनियां अब पराली को बड़े पैमाने पर खरीद रही हैं.
प्रगतिशील युवा किसान रनजोद सिंह का कहना है कि जो किसान हार्वेस्टर से धान की कटाई करते हैं, उनके खेतों में पराली बच जाती है. इसे जलाने के बजाय किसान बंडल बनाकर आसानी से बेच सकते हैं. बाजार में पराली लगभग 2.5 से 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही है. बहुत सी सीएनजी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनियां पराली की खरीदारी कर रही हैं. किसान प्रति एकड़ लगभग 10 से 15 क्विंटल पराली का बंडल तैयार कर सकते हैं. बाजार में पराली काटने और बंडल बनाने की कई अत्याधुनिक मशीनें आ चुकी हैं.
पराली का हो रहा व्यवसायिक इस्तेमाल
धान की कटाई के बाद पराली का प्रबंधन किसानों के लिए एक बड़ी समस्या रहता है. पहले किसान समय की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण इसे खेतों में ही जला दिया करते थे. लेकिन अब पराली को जलाने के बजाय उसका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है. इससे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलती है और साथ ही किसानों को अतिरिक्त आमदनी का नया जरिया भी मिल जाता है.
चारे के रूप में भी इस्तेमाल
सूखे पराली का एक पारंपरिक और उपयोगी तरीका इसे पशुओं के लिए सूखे चारे के रूप में इस्तेमाल करना है. जिन किसानों को अपने मवेशियों के लिए चारे की आवश्यकता होती है, वे इसे सुखाकर पूरे साल के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. यह पशुओं के लिए एक अच्छा विकल्प साबित होता है और किसानों को बाजार से महंगा चारा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है.
बंडल बनाकर बेचें
अगर किसान के पास चारे की आवश्यकता नहीं है, तो वे पराली के बंडल बनाकर बेच सकते हैं. आजकल सीएनजी और एथेनॉल बनाने वाली ऊर्जा कंपनियां पराली की बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रही हैं. कंपनियां इसे कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल करती हैं. इससे पराली की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है और किसानों को इसका उचित मूल्य आसानी से मिल रहा है. पराली के बंडल बनाने के लिए आजकल आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं. ये मशीनें खेतों में पराली को इकट्ठा करके तेजी से बंडल में बदल देती हैं. प्रति एकड़ जमीन से लगभग 10 से 15 क्विंटल पराली के बंडल तैयार किए जा सकते हैं. इस प्रक्रिया से किसान बहुत कम लागत और समय में अपनी पराली को बेचकर प्रति एकड़ अच्छा अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं.
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Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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