• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

शत्रुओं का करना है नाश तो नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी धाम में करें पूजा, पढ़ें दुर्गा कवच, जानें पूजा की विधि

Admin by Admin
October 12, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
शत्रुओं का करना है नाश तो नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी धाम में करें पूजा, पढ़ें दुर्गा कवच, जानें पूजा की विधि


मिर्जापुर: अगर आप शत्रुओं से परेशान हैं और उनसे मुक्ति पाना चाहते हैं. शत्रुओं का पराजय देखना चाहते हैं तो नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी धाम में विशेष पूजन-अर्चन कर सकते हैं. विंध्यधाम के आचार्य पं. अनुपम महाराज ने शत्रु के नाश को लेकर पूजन विधि बताई है. ऐसे में अलग-अलग मंत्रों का जाप करके और नारियल इत्यादि की आहुति देकर शत्रुओं के ऊपर विजय पा सकते हैं. मां विंध्यवासिनी धाम में नवरात्रि में विशेष पूजा की जाती है. शत्रुओं के नाश को लेकर महाकाली मंदिर में विशेष तंत्र पूजा की जाती है, जिसे बड़े नेता व अधिकारी कराते हैं.

विंध्यधाम के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि शत्रु, सबसे पहला हमारे जो विचार वह नकारात्मक है, वो सबसे बड़ा शत्रु है. दूसरा शत्रु है हमारे शरीर का रोग. तीसरा शत्रु हमारे जो वास्तविक शत्रु होते हैं. सबसे बड़ा शत्रु जो मन का विचार नकारात्मक है, उससे कैसे बचा जाए. उससे बचने के लिए सर्वप्रथम आपको तंत्र की आवश्यकता नहीं है. ध्यान की आवश्यकता है.

दुर्गा कवच का करें पाठ

पं. अनुपम महाराज ने बताया कि सामाजिक व अन्य शत्रुओं से रक्षा दूसरे विषय में आता है. शत्रु जो हमारे सामाजिक हैं. राजनैतिक हैं. कार्यक्षेत्र के हैं. मित्रगण आदि जो शत्रु बन गए, उनसे कैसे बचा जाए. सर्वप्रथम आपको देवी कवच, बंगला कवच, दुर्गा कवच, काली कवच, शिव हनुमान, मंगल व किसी भी एक का कवच करें. तंत्र और मंत्र विधि. दूसरा विषय शत्रु नाश करना है तो बंगलामुखी की उपासना करें या विपरीत पतंगरा का. माँ विपरीत पतंगरा का मंत्र है. ऐं ह्रीं श्रीं विपरीत पतंगरी मां रच रचन मम सर शत्रु भंजय भंजय फेहुं फट स्वाहा.

महाकाली की करें उपासना

पं. अनुपम महाराज ने बताया कि इस मंत्र से पीला सरसों, नमक, काली मिर्च, धान का लावा, सरसों का तेल, मिश्रित करके, और इससे आहुति डालें, लेकिन अच्छे गुरु के शरण में रहके अपने से यदि तंत्र आप करेंगे तो उसका विनाश भी आप झेलेंगे. इसलिए तंत्र करने से पहले एक साधक, एक गुरु के शरण में जा के और तंत्र का प्रयोग करें. महाकाली की उपासना और बलि साथ में शत्रु नाश करना है तो तंत्र की देवी महाकाली हैं. विंध्याचल में महाकाली अष्टको में हैं, उनका पूजन करें.

नारियल चढ़ाए तो होगा शत्रु का नाश

पं. अनुपम महाराज ने बताया कि महाकाली के चरणों में नारियल का बलि देने से शत्रु का नाश होता है. उन्हें नींबू का कपूर लौंग जायफल का बलि देने से शत्रु का नाश होता है, उनके दरबार में सरसों का तेल जलाने से शत्रु का नाश होता है. महाकाली के मुख में मदिरा आदि डालने से शत्रु का नाश होता है. साथ में महाकाली के किसी भी प्रकार का पूजन यदि करेंगे, तो शत्रु का नाश होगा. महाकाली के दरबार में शत्रु नाश के लिए यदि विशेष पूजन करना चाहते हैं तो वहां विशेष मंत्रों को गुरु आचार्य के द्वारा समझकर कराए. शत्रु का नाश होगा और हर शनिवार को यदि महाकाली का दर्शन किया जाए, तो शत्रु आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकता.



Source link

Views: 6
Post image
Previous Post

म्योरपुर. रामलीला में ताड़का वध का महा-मंचन! रामु प्रसाद की अदाकारी ने बांधा समां

Next Post

सोनभद्र. हाईडिल मैदान में ड्रीमलैंड दुबई वर्ल्ड थीम मेले का शुभारंभ

Next Post

सोनभद्र. हाईडिल मैदान में ड्रीमलैंड दुबई वर्ल्ड थीम मेले का शुभारंभ

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement