Last Updated:
Animal Husbandry: सर्दियों का मौसम दस्तक देने वाला है और इस दौरान पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों की सेहत और दूध उत्पादन बनाए रखने की बड़ी चुनौती होती है. खासकर बुंदेलखंड के चित्रकूट और पाठा क्षेत्र में पशुपालन ही कमाई का मुख्य जरिया है. ठंड के दिनों में अगर जानवरों को सही पोषण न मिले तो वे बीमार पड़ने लगते हैं और दूध का उत्पादन भी घटने लगता है. पशु चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, इस मौसम में बरसीम, नेपियर घास, जई और लूसर्न जैसे पौष्टिक हरे चारे पशुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. ये न केवल आसानी से पचते हैं, बल्कि इनमें मौजूद प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व मवेशियों को ठंड से बचाकर दूध का स्तर भी बनाए रखते हैं.
Animal Husbandry Tips: ठंड का मौसम शुरू होते ही पशुपालकों के सामने अपने पशुओं की सेहत बनाए रखने की चुनौती बढ़ जाती है. खासकर बुंदेलखंड के चित्रकूट और पाठा क्षेत्र में पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है. ऐसे में पशुओं को समय पर पर्याप्त और पौष्टिक आहार नहीं मिलने से उनकी सेहत प्रभावित हो सकती है. इसका असर दूध उत्पादन पर भी पड़ता है, जिससे पशुपालकों की आमदनी घट सकती है.
ऐसे में सर्दियों के दौरान पशुओं के आहार में पौष्टिक हरा चारा शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. बरसीम, नेपियर घास, जई और लूसर्न जैसे हरे चारे पशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं. चित्रकूट के अपर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने लोकल 18 को बताया कि पशुपालक इन हरे चारों को अपने पशुओं के आहार में शामिल कर सकते हैं. हालांकि, ठंड के मौसम में पशुओं को चारा देने के साथ उनकी देखभाल पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है.
पशु अधिकारी ने दी जानकारी
चित्रकूट के अपर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुपालक अपने पशुओं को बरसीम, नेपियर घास, जई और लूसर्न जैसे हरे चारे खिला सकते हैं. ये चारे प्रोटीन समेत कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और पशुओं के आहार को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. हरा चारा पौष्टिक होने के साथ सुपाच्य भी माना जाता है.
विटामिन से भरपूर है ये चारा
डॉ. सिंह के मुताबिक, इन चारों में मौजूद विटामिन और अन्य पोषक तत्व पशुओं को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं. पर्याप्त पोषण मिलने से पशुओं की सेहत बनाए रखने और दूध उत्पादन को सहारा मिल सकता है. उन्होंने बताया कि पशुपालक इन हरे चारों को अपने खेतों में भी उगा सकते हैं. इससे उन्हें पशुओं को रोजाना ताजा हरा चारा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
About the Author

Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
और पढ़ें

