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बॉलीवुड एक्टर चंद्रचूड़ सिंह ने कभी आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा था, लेकिन किस्मत उन्हें फिल्मी दुनिया में ले आई. साल 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से उन्हें ऐसी पहचान मिली कि वह रातोंरात स्टार बन गए. अपनी शानदार एक्टिंग और सादगी भरे अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने वाले चंद्रचूड़ सिंह 11 अक्टूबर को अपना 58वां जन्मदिन मना रहे हैं. आइए जानते हैं उनके करियर और बॉलीवुड तक पहुंचने की दिलचस्प कहानी.
हर लुक से जीता दर्शकों का दिल
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने अपनी एक्टिंग और अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. इन्हीं कलाकारों में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह का नाम भी शामिल है. फिल्म ‘माचिस’ से उन्हें ऐसी पहचान मिली कि वह रातोंरात चर्चा में आ गए. दिलचस्प बात यह है कि फिल्मों में आने से पहले चंद्रचूड़ सिंह आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखते थे. लेकिन किस्मत उन्हें एक्टिंग की दुनिया में ले आई और उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड में अलग पहचान बना ली. 11 अक्टूबर को अभिनेता अपना 58वां जन्मदिन मना रहे हैं.
चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर 1968 को दिल्ली में हुआ था. उनका परिवार राजनीति और शाही पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है. उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर से ताल्लुक रखते थे और राजनीति में सक्रिय रहे थे. वहीं, उनकी मां कृष्णा कुमारी देवी ओडिशा के बोलांगीर के शाही परिवार से थीं. चंद्रचूड़ के दो भाई भी हैं. उनके भाई अभिमन्यु सिंह अभिनेता और निर्देशक हैं, जबकि आदित्य सिंह फिल्म निर्माता हैं.
दून स्कूल से सेंट स्टीफंस कॉलेज तक की पढ़ाई
चंद्रचूड़ सिंह की शुरुआती पढ़ाई देहरादून के दून स्कूल और वेल्हम बॉयज स्कूल में हुई. इसके बाद वह दिल्ली आ गए और यहां सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS में जाने का फैसला किया और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. हालांकि, चंद्रचूड़ की जिंदगी में संगीत और कला की भी अहम जगह रही है. वह शास्त्रीय संगीत के प्रशिक्षित गायक हैं. अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने दिल्ली के वसंत वैली स्कूल में बच्चों को संगीत भी सिखाया. इसके अलावा, उन्होंने अपने पुराने स्कूल दून स्कूल में इतिहास के शिक्षक के तौर पर भी काम किया. लेकिन धीरे-धीरे उनका रुझान फिल्मों की तरफ बढ़ने लगा.
‘माचिस’ ने दिलाई रातोंरात पहचान
चंद्रचूड़ सिंह ने साल 1996 में फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ से बॉलीवुड में कदम रखा. यह फिल्म अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी ABCL के बैनर तले बनी थी. हालांकि, उनकी दूसरी फिल्म ‘माचिस’ ने उनके करियर को नई दिशा दी. इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया और वह दर्शकों के बीच पहचान बनाने में कामयाब रहे. ‘माचिस’ में शानदार अभिनय के लिए चंद्रचूड़ सिंह को फिल्मफेयर का बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड भी मिला. इस फिल्म की सफलता ने उन्हें इंडस्ट्री में एक उभरते हुए अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया. इसके बाद उनके पास फिल्मों के कई मौके आए और उनका करियर आगे बढ़ने लगा.
इन फिल्मों में भी नजर आए चंद्रचूड़ सिंह
‘माचिस’ के बाद चंद्रचूड़ सिंह ने कई फिल्मों में काम किया. उनकी लोकप्रिय फिल्मों में ‘दिल क्या करे’, ‘जोश’ में तो वह ऐश्वर्या राय के हीरो बने थे. इसके अलावा ‘क्या कहना’, ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’ और ‘दाग: द फायर’ जैसी फिल्में शामिल हैं. उन्होंने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी सहज एक्टिंग से दर्शकों का ध्यान खींचा.चंद्रचूड़ सिंह को खास तौर पर उनके सौम्य अंदाज, स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी और रोमांटिक किरदारों के लिए जाना जाता है. भले ही उनका फिल्मी सफर कुछ दूसरे सितारों जितना लंबा या लगातार चर्चा में रहने वाला नहीं रहा, लेकिन ‘माचिस’ और उनकी कुछ अन्य फिल्मों में निभाए गए किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं.
बता दें कि चंद्रचूड़ सिंह की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने साल 1999 में अवंतिका कुमारी से शादी की थी. हालांकि, बाद में दोनों अलग हो गए. इस शादी से उनका एक बेटा है. आईएएस बनने का सपना देखने वाले चंद्रचूड़ सिंह ने आखिरकार फिल्मों की दुनिया में अपनी राह बनाई. ‘माचिस’ से मिली कामयाबी ने उन्हें पहचान दिलाई और आज भी उनका नाम 1990 के दशक के उन अभिनेताओं में लिया जाता है, जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों पर खास छाप छोड़ी.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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