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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का कोल्हमपुर मां दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, संतान की इच्छा रखने वाले दंपती यहां मां के दर्शन कर मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. नवरात्र में मां के चरणों में 251 फल अर्पित किए जाते हैं. मन्नत पूरी होने पर कई परिवार बच्चों का मुंडन संस्कार कराने और कथा सुनने के लिए मंदिर पहुंचते हैं.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित कोल्हमपुर मां दुर्गा मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते हैं. खासतौर पर संतान की इच्छा रखने वाले दंपती मां के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है. मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं.
संतान की मुराद लेकर पहुंचते हैं दंपती
कोल्हमपुर मंदिर के महंत दीनदयाल वैश्य ने बताया कि मंदिर में संतान की इच्छा रखने वाले कई दंपती मां दुर्गा के दर्शन करने आते हैं. वे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संतान प्राप्ति की कामना करते हैं. श्रद्धालुओं के बीच ऐसी मान्यता है कि मां के दरबार में प्रसाद ग्रहण करने के बाद उनकी मनोकामना पूरी होती है. महंत के अनुसार, संतान प्राप्ति की मुराद पूरी होने के बाद परिवार दोबारा मंदिर पहुंचते हैं. यहां बच्चों का मुंडन संस्कार कराया जाता है और कथा सुनने की परंपरा भी निभाई जाती है. यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है.
नवरात्र में देश-विदेश से आते हैं श्रद्धालु
महंत दीनदयाल वैश्य ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इस दौरान देश-विदेश से भी भक्त मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं. नवरात्र में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान मां के चरणों में 251 फल अर्पित किए जाते हैं. बाद में ये फल श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं. संतान की इच्छा रखने वाले दंपती भी इस प्रसाद को ग्रहण करते हैं. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि प्रसाद ग्रहण करने से उनकी संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है.
मनोकामना पूरी होने पर निभाते हैं परंपरा
मंदिर में संतान प्राप्ति की कामना के साथ आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं. मनोकामना पूरी होने पर वे मां के दरबार में दोबारा पहुंचकर धन्यवाद देते हैं. इसके साथ ही बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं और कथा सुनते हैं. कोल्हमपुर मां दुर्गा मंदिर में नवरात्र के दौरान विशेष रौनक रहती है. श्रद्धालुओं की आस्था और वर्षों से चली आ रही परंपराओं के कारण यह मंदिर क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
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