संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..
— ग्राम पंचायत परसवार राजा में बारिश के बाद जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था ने ग्रामीणों की बढ़ाई मुश्किलें

रविवार की रात हुई तेज बारिश के दौरान नाले का पानी बैगा बस्ती के कई घरों में घुस गया। अचानक पानी भरने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष बरसात में ऐसी स्थिति पैदा होती है। जलभराव के कारण बैगा बस्ती में दो झोपड़ियां पानी और मलबे की चपेट में आ गईं।
पीड़ित देवचंद बैगा और सुखई बैगा ने बताया कि वे गरीब परिवार से हैं और पानी भरने से घर का सामान भीगकर मलबे में दब गया। पीड़ितों को आशंका है कि बारिश जारी रही तो आसपास के अन्य कच्चे मकान भी गिर सकते हैं। ग्रामीण जगत बैगा ने बताया कि रात में भारी बारिश के दौरान घर में रखा कपड़ा, खाद्य सामग्री समेत जरूरी सामान पानी में भीग गया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में परिवारों के सामने रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई है।

वहीं गांव के सरकारी खाद-रसद वितरण केंद्र में भी नाले का पानी घुस गया। ग्रामीणों के मुताबिक केंद्र में रखी सैकड़ों बोरियां गेहूं और चावल पानी में भीग गए हैं। इससे अब सरकारी राशन के वितरण को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में साफ-सफाई और जलनिकासी के नाम पर वर्षों से धन खर्च किया जा रहा है, लेकिन नालियों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने पिछले दो वर्षों में साफ-सफाई के नाम पर खर्च किए गए सरकारी धन के उपयोग की जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि वास्तव में लाखों रुपये साफ-सफाई पर खर्च हुए हैं तो हर साल बरसात में जलभराव की समस्या क्यों उत्पन्न हो रही है। स्थानीय ग्रामीण एवं सपा नेता मुकेश सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या लगातार सामने आ रही है। जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराई जाए और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग की है।
