Last Updated:
चेक बाउंस के सात मामलों में उलझे मशहूर एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. अदालत के आदेशानुसार एक्टर ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवा तो लिया, मगर उनके वकील उसे रजिस्ट्री की सही शाखा में जमा कराने में नाकाम रहे. इसके बाद जब वकील ने अजीबोगरीब दलील के जरिए अपनी बात रखी, तो शीर्ष अदालत की पीठ नाराज हो गई. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट लहजे में कहा कि ऐन वक्त पर ऐसी लापरवाही भरी दलीलें देने से विश्वसनीयता पर असर पड़ता है.
चेक बाउंस केस में फंसे हैं राजपाल यादव. (फोटो साभार: Instagram@rajpalofficial)
नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में सात मुकदमों में फंसे हुए हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को नाटकीय मोड़ आया. कोर्ट के निर्देश पर एक्टर ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तो बनवा लिया, लेकिन वकील रजिस्ट्री के सही सेक्शन में इसे जमा नहीं करा सके. इस लापरवाही पर शीर्ष अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इस पर सवाल बताया. साथ ही पीठ ने चेतावनी दी कि अंतिम समय पर ऐसी दलीलें पेश करने से कोर्ट में आरोपी की विश्वसनीयता पर बेहद बुरा असर पड़ता है.
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ बैठे जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने सख्त रुख अपनाया. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अगर वकील को यह भी पता नहीं है कि रकम किस सेक्शन में जाकर जमा करनी है तो यह एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के लिए चिंता की बात है. इसके बाद सीजेआई ने वकील से कहा कि वह जल्द से जल्द जाकर रकम जमा करें.
जस्टिस ने विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
जस्टिस वी. मोहना ने राजपाल यादव पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपको पिछली शाम 7 बजे तक का समय दिया गया था, लेकिन अब इस तरह की दलील सामने आ रही है. ऐसी स्थिति से अदालत के सामने आपकी विश्वसनीयता पर असर पड़ता है.
सुप्रीम कोर्ट ने रकम जमा करने की दी थी मोहलत
जानिए क्या है चेक बाउंस मामला
बताते चलें कि यह मामला राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है. साल 2010 में फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव और उनकी पत्नी से जुड़ी कंपनी को मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए मिले थे. फिल्म को लेकर हुए आर्थिक लेन-देन के बाद रकम लौटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ. शिकायतकर्ता का कहना था कि बाद में भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए. इसी के बाद सात अलग-अलग मामले दर्ज हुए.
About the Author

कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
और पढ़ें

