Last Updated:
House Roof Construction Tips: घर बनवाते समय छत की ढलाई में छोटी सी गलती बाद में फिनिशिंग और मजबूती दोनों पर असर डाल सकती है. बहराइच के 22 साल के अनुभव वाले मिस्त्री जगन्नाथ ने छत की ढलाई को लेकर कुछ ऐसी जरूरी बातें बताई हैं, जिनका ध्यान मकान बनवाते समय रखना बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, सरिया का सही फंसाव, मसाले का अनुपात, शटरिंग का तरीका और ढलाई के बाद की तराई छत की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं. साथ ही छत पर पानी भरने और शटरिंग खोलने के समय को लेकर भी जरूरी जानकारी दी है. जानिए छत की ढलाई के समय किन गलतियों से बचें और मजबूत स्लैब के लिए किन बातों का ध्यान रखें.
House Roof Construction Tips: घर बनाते समय दीवारें खड़ी होने के बाद सबसे अहम काम छत की ढलाई का होता है. यही वह हिस्सा है जहां थोड़ी सी लापरवाही होने पर बाद में छत की फिनिशिंग खराब दिख सकती है या नीचे से स्लैब आड़ा-तिरछा नजर आ सकता है. इसलिए ढलाई के समय सरिया का सही फंसाव, मसाले का अनुपात और शटरिंग से लेकर तराई तक हर चीज का ध्यान रखना जरूरी है.
बहराइच के 22 साल का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ मिस्त्री जगन्नाथ ने Local18 से बातचीत में छत की ढलाई से जुड़ी कई जरूरी बातें बताईं. उन्होंने बताया कि छत को मजबूत और अच्छी फिनिशिंग देने के लिए सरिया और मसाले का सही इस्तेमाल जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी ढलाई के बाद उसकी सही तराई और शटरिंग खोलने का समय भी है.
सरिया का सही फंसाव और मसाले का अनुपात
मिस्त्री जगन्नाथ के अनुसार छत की मजबूती में सरिया और सही मसाले की अहम भूमिका होती है. ढलाई के दौरान सरिया को सही तरीके से फंसाना जरूरी है, ताकि स्लैब की मजबूती बनी रहे. उनके मुताबिक ढलाई के लिए 2.5:1 के अनुपात वाला मसाला इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर छत की मोटाई 4.5 इंच रखी जाती है.
प्लाई शटरिंग या मिट्टी वाली पाड़
आजकल बड़ी इमारतों में प्लाई शटरिंग का इस्तेमाल ज्यादा होता है, लेकिन मिस्त्री जगन्नाथ अपने अनुभव के आधार पर पारंपरिक मिट्टी वाली पाड़ तकनीक को भी बेहतर मानते हैं. इस तरीके में पहले पटरा बिछाकर उस पर मिट्टी कुटवाई जाती है. इसके बाद बालू का मसाला लगाकर फंटी की मदद से उसे सीधा किया जाता है. उनके मुताबिक ग्रीस और मोबिल ऑयल का इस्तेमाल करने पर छत नीचे से प्लेन और चौरस निकलती है.
प्लाई शटरिंग में फिनिशिंग का रखें ध्यान
प्लाई शटरिंग में कई बार कहीं दबने या सतह असमान होने की समस्या आ सकती है, जिससे छत की फिनिशिंग प्रभावित होती है. हालांकि प्लाई वाली छत में हल्के-फुल्के गैप को पुट्टी से कवर किया जा सकता है और प्लास्टर की जरूरत नहीं पड़ती. मिस्त्री के मुताबिक अगर प्लाई से शटरिंग कराई जा रही है तो इस्तेमाल की जाने वाली प्लाई फ्रेश और अच्छी स्थिति में होनी चाहिए.
ढलाई के बाद तराई का रखें खास ध्यान
छत ढलने के बाद उसकी सही तराई करना भी बहुत जरूरी है. मिस्त्री जगन्नाथ के मुताबिक ढलाई के बाद बालू या ईंटों की मेढ़ बनाकर छत पर पानी भर देना चाहिए. छत पर कम से कम 6 से 7 दिनों तक लगातार पानी भरा रहना चाहिए. सही तरीके से तराई करने से छत को मजबूती मिलने में मदद मिलती है. इसलिए ढलाई के बाद पानी देने में लापरवाही बिल्कुल न करें.
15 से 17 दिन बाद खोलें शटरिंग
छत के नीचे लगी शटरिंग को भी जल्दबाजी में नहीं खोलना चाहिए. मिस्त्री जगन्नाथ के मुताबिक शटरिंग कम से कम 15 से 17 दिन बाद ही खोलनी चाहिए. इससे स्लैब को पर्याप्त समय मिल जाता है और वह अच्छी तरह सेट हो पाती है. अगर आप भी अपने घर की छत की ढलाई कराने जा रहे हैं तो सरिया के सही फंसाव, 2.5:1 के मसाले के अनुपात, छत की तराई और शटरिंग खोलने के समय का खास ध्यान रखें. इससे छत की मजबूती और फिनिशिंग बेहतर रखने में मदद मिलेगी.
About the Author

Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
और पढ़ें
