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Nana Patekar Death: नाना पाटेकर के अचानक चले जाने से पूरा देश स्तब्ध है. गोवा स्थित आवास पर कार्डियक अरेस्ट की वजह से 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. डॉक्टरों की 45 मिनट तक चली हर मुमकिन कोशिश भी सिनेमा के इस ‘क्रांतिवीर’ की धड़कनें वापस नहीं ला सकी.
नाना पाटेकर का गोवा स्थित घर में निधन हो गया.
Nana Patekar Death: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर 8 अक्टूबर को दुख व्यक्त किया और कहा कि अपने अभिनय तथा किरदारों के माध्यम से उन्होंने भारतीय सिनेमा और दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है. राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. अपने अभिनय और किरदारों से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर और दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है.” कांग्रेस नेता ने कहा, “इस पीड़ा के समय में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके शोकाकुल परिजनों, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं.”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अभिनेता के शानदार अभिनय, भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय और बहुआयामी योगदान तथा किसानों और वंचितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को हमेशा याद किया जाएगा. खरगे ने नाना पाटेकर के परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
नाना पाटेकर का निधन, गोवा के घर में आया कार्डियक अरेस्ट
बॉलीवुड इंडस्ट्री के वेटरन एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार को निधन हो गया. जानकारी के अनुसार, उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित उनके निवास पर बेहोशी की अवस्था में पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर को 8 अक्टूबर की सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. शुरुआती जांच में बताया गया कि उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट हुआ था. डॉक्टरों ने अस्पताल लाए जाने के बाद लगभग 45 मिनट तक उन्हें रिवाइव करने की कोशिश की, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया, “लगातार 45 मिनट तक सीपीआर के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.”
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था. उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था और वे एक मराठी परिवार से आते थे. नाना पाटेकर ने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई के दादर वेस्ट स्थित समर्थ विद्यालय में तीन साल तक की और बाद में मुंबई के सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया. फुल टाइम एक्टिंग में आने से पहले उन्होंने कमर्शियल आर्टिस्ट के तौर पर काम किया और जीवन-यापन के लिए फिल्मों के पोस्टर और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने का काम किया.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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