संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..
— 2026 में लगाए गए आरोपों की जांच जारी, समिति बोली-सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों के आधार पर हो निष्पक्ष कार्रवाई

माँ ज्वालामुखी भगवती संचालन समिति, शक्तिनगर की ओर से मंदिर प्रबंधन, मंदिर संपत्ति और प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में समिति ने अपना पक्ष रखा। समिति ने आरोपों की पृष्ठभूमि में मंदिर परिसर की दुकान के बकाया किराये तथा मंदिर संपत्ति से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए विभिन्न जांच एवं प्रशासनिक आदेशों का हवाला दिया।
समिति के अनुसार मंदिर की भूमि गाटा संख्या 536, रकबा 0.52 डिसमिल पर मंदिर समिति द्वारा दुकान का निर्माण कराया गया था। समिति का आरोप है कि उक्त दुकान रामलखन मिश्रा द्वारा अपने पौत्र हेमंत मिश्रा को मंदिर समिति से विधिवत राय-मशविरा अथवा समिति की बैठक की अनुमति के बिना दे दी गई।
दुकान का किराया लंबे समय से बकाया है और वर्तमान में लगभग 13.50 लाख रुपये बकाया बताया जा रहा है। समिति ने प्राचीन पीपल वृक्ष एवं स्वयंभू शिवलिंग से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। समिति के अनुसार दुकान के पीछे स्थित प्राचीन पीपल वृक्ष के समीप स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन-पूजन की परंपरा रही है। समिति का आरोप है कि बाद में शिवलिंग को दुकान के सामने स्थापित किया गया और पीपल के वृक्ष को घेरकर वहां पेड़ा फैक्ट्री स्थापित की गई।

समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पेड़ा फैक्ट्री के लिए मंदिर परिसर के शिव, गणेश, हनुमान एवं भैरव मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले जल की निकासी का मार्ग बाधित किया गया। 2008 में शिकायत के बाद जिलाधिकारी स्तर से जांच कराई गई। तत्कालीन उपजिलाधिकारी की जांच में समिति में अनियमितता नहीं पाई गई और आरोप सिद्ध नहीं हुए। इसी कार्रवाई में दुकान के बकाया किराये के रूप में ₹4.40 लाख जमा कराने के निर्देश दिए|
2013 और 2018 की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए समिति ने कहा कि सहायक रजिस्ट्रार, चिट फंड एवं रजिस्ट्रार स्तर पर हुई जांचों में समिति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया और समिति के नवीनीकरण की कार्रवाई जारी रही। 2019 में धर्मार्थ कार्य विभाग, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार के स्तर पर हुई है|

2023 में उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के बाद मंडलायुक्त, मिर्जापुर मंडल को जांच सौंपे जाने और समिति के अनुसार जांच में अध्यक्ष पं. श्लोकी मिश्रा के विरुद्ध अनियमितता अथवा धोखाधड़ी नहीं पाए| समिति ने कहा कि 2026 में पुनः लगाए गए आरोपों की जांच वर्तमान में संबंधित स्तर पर चल रही है और समिति जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हुए इसमें सहयोग कर रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा ने हेमंत मिश्रा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे माँ ज्वालामुखी मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं का ज्ञान रखते हैं तो इसे सामने आकर साबित करें। संचालन समिति ने कहा कि हेमंत मिश्रा यदि अपने पक्ष में कोई दस्तावेज, तथ्य या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
समिति ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, सोशल मीडिया मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि मंदिर से जुड़े संवेदनशील विषय पर समाचार प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले सभी पक्षों का पक्ष लिया जाए और उपलब्ध सरकारी एवं प्रशासनिक दस्तावेजों का अवलोकन किया जाए।







