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पशुपालकों के लिए एटीएम से कम नहीं हैं गाय की ये नस्लें, कोई देती है 12 तो कोई देती है 24 लीटर तक दूध.. जानिए कीमत और खासियत

Admin by Admin
October 7, 2026
in उत्तर प्रदेश
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पशुपालकों के लिए एटीएम से कम नहीं हैं गाय की ये नस्लें, कोई देती है 12 तो कोई देती है 24 लीटर तक दूध.. जानिए कीमत और खासियत


Last Updated:October 07, 2026, 06:55 IST

अगर आप डेयरी फार्मिंग या पशुपालन से अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो ज्यादा दूध देने वाली गायों की नस्ल का चुनाव बेहद जरूरी है. गीर, गंगातीरी, साहीवाल और जर्सी जैसी नस्लें अपनी बेहतर दूध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती हैं. इनकी कीमत नस्ल, स्वास्थ्य और दूध देने की क्षमता के आधार पर अलग-अलग होती है.

आमतौर पर गाय रोजाना से 8 से 10 लीटर तक दूध देती है, लेकिन वर्तमान समय में कई गायों के देसी नस्ल हर दिन 18 से 24 लीटर तक दूध दे सकती है. सब कुछ इसके रहन सहन और खान पान पर आधारित है.इन गायों को पाल कर पशुपालक हर दिन मोटी कमाई कर सकते हैं. कई पशुपालक इन गायों को पाल भी रहे हैं.

दुधारू गायों की नस्ल में गिर गाय का नाम भी शामिल है. यह गाय मूलतः गुजरात नस्ल की गाय है, लेकिन वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के साथ बिहार जैसे राज्यों में पशुपालक इन गायों को पाल रहे हैं. यह गाय रोजाना 12 से 15 लीटर तक दूध देती है. बाजार में गीर गाय का दूध आसानी से बिक भी जाता है. गीर गाय के सींग मुड़े हुए और माथा पीछे की ओर झुका हुआ होता है.

पूर्वी यूपी और पश्चिमी बिहार के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में गंगातीरी गाय भी पाई जाती है.पशुपालको के लिए गाय की ये नल्स एटीएम से कम नहीं होती है. साधारण रखरखाव में गंगातीरी गाय आम देसी गायों से हर दिन दोगुना दूध देती है. इस गाय का रंग सफ़ेद या हल्का ग्रे होता है. यह गाय आम देसी गायों से कद में काफी मजबूत दिखती है. इनके सींग हल्के मुड़े होते हैं. पशुपालक दिनेश यादव ने बताया की पूर्वांचल में लोग इस गाय को पालना काफी पसंद करते है, क्योंकि इसका रखरखाव भी काफी आसान है.

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गाय के इस देसी नस्ल का दूध भी स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है.इसके दूध के नियमित सेवन से मनुष्य के रोग प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि होती है. इसीलिए बाजार में गाय के इस दूध की डिमांड भी खूब रहती है और पशुपालकों को इनके दूध की बाजार में अच्छी क़ीमत भी मिल जाती है.गंगातीरी गाय की कीमत 80 हजार से 1.2 लाख के करीब होता है. यह गाय हर दिन 15 से 20 लीटर तक दूध देती है.

साहिवाल गाय भी पशुपालको की पहली पसंद है. यह गाय भारत में सबसे दुधारू गायों में गिनी जाती है. इस गाय का रंग भूरा और लाल होता है.आम रखरखाव में भी यह गाय 12 से 16 लीटर तक दूध देती है.एक पशुपालक यदि 4 गायों को भी पालता है तो हर दिन वो इससे मोटी कमाई कर सकता है. बताते चलें कि देसी गायों में सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि यह खुद को जलवायु परिवर्तन के हिसाब से बदल लेती है.

साहीवाल गाय की कीमत 60 हजार से 1.5 लाख तक होती है.गाय के स्वास्थ्य,प्रतिदिन दूध देने की क्षमता पर इसकी कीमत तय होती है. इस गाय के बछिया की कीमत भी 20,000 से 40,000 हजार के करीब होती है. यह गाय यूपी, बिहार के सहित अन्य राज्यों में आसानी से दिख जाती है.

दूध देने वाली गायों की नस्ल में जर्सी गाय का नाम भी शामिल है.यह गाय मूलतः विदेशी नस्ल की गाय है लेकिन भारत के अलग अलग राज्यों में पशुपालक इस गाय को पाल अच्छी खासी कमाई कर रहें है.इस गाय के दूध में फैट की मात्रा अत्यधिक होती है.इस गाय का रंग हल्का बादामी, गहरा भूरा या लाल होता है. गाय के इस नस्ल की एक सबसे खास बात ये है की यह अलग अलग मौसम के हिसाब से खुद को ढाल लेती है.

पंजाब के अलग अलग जिलों के अलावा कई अन्य राज्यों में भी लोग गाय के इस नस्ल को पालते है. इस गाय की कीमत 80000 से 120000 रूपये तक होती है. जर्सी गाय हर दिन 14 से 18 लीटर तक दूध देती है.इस गाय को पालकर पशुपालक अच्छी कमाई कर पा रहें है.बीएचयू के डेयरी साइंस और फूड टेक्नोलोजी विभाग के प्रोफेसर अनिल कुमार ने बताया की गायों के रखरखाव और उनके भोजन की मात्रा का असर भी दूध के उत्पादन पर पढ़ता है. हालांकि गीर, गंगातीरी, जर्सी जैसी गायें सामान्य से ज्यादा दूध देती है.

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First Published :

October 07, 2026, 06:55 IST



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