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रिलीज- 6 अक्टूबर 1995 | वर्डिक्ट- सुपरहिट | सुपरस्टार्स के बेटे-बेटी का धमाकेदार डेब्यू: एक झटके में पाया स्टारडम

Admin by Admin
October 6, 2026
in मनोरंजन
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रिलीज- 6 अक्टूबर 1995 | वर्डिक्ट- सुपरहिट | सुपरस्टार्स के बेटे-बेटी का धमाकेदार डेब्यू: एक झटके में पाया स्टारडम


Last Updated:October 06, 2026, 12:09 IST

6 अक्टूबर 1995 की तारीख बॉलीवुड के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी गई है. इस दिन दो बड़े फिल्मी परिवारों के सितारों ने एक साथ बड़े पर्दे पर कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म में पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया. हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र के छोटे बेटे बॉबी देओल और हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल खन्ना की. राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी रोमांटिक-एक्शन फिल्म ‘बरसात’ ने थिएटर में धूम मचा दी थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा धमाका किया कि सालों तक इसकी गूंज सुनाई दी.

नई दिल्ली. 1995 में रिलीज हुई धर्मेंद्र के छोटे बेटे बॉबी देओल और राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल खन्ना की डेब्यू फिल्म ‘बरसात’ न सिर्फ उस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी, बल्कि इसने बॉबी और ट्विंकल खन्ना को रातोंरात स्टारडम की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. जब यह मशहूर फिल्म अपनी 31वीं सालगिरह मना रही है, तो आइए इसके सुपरहिट बनने के सफर और इसके पीछे की दिलचस्प कहानियों के बारे में जानें. 90 के दशक में जब स्टार किड्स के लॉन्च का दौर शुरू ही हुआ था, तब फिल्म ‘बरसात’ की घोषणा ने पूरे देश का ध्यान खींचा. एक तरफ पंजाब के शेर और बॉलीवुड के एक्शन किंग धर्मेंद्र के छोटे बेटे बॉबी देओल थे, तो दूसरी तरफ भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल खन्ना और खूबसूरत एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया थीं. दो बड़े फिल्मी परिवारों का यह मिलन किसी सपने के सच होने जैसा था.

धर्मेंद्र खुद अपने बेटे बॉबी के लॉन्च में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे. उन्होंने यह प्रोजेक्ट राजकुमार संतोषी को सौंपा, जो अपने समय के सबसे बेहतरीन डायरेक्टरों में से एक थे, जिन्होंने ‘घायल’ और ‘दामिनी’ जैसी टाइमलेस फिल्में बनाई थीं. बॉबी देओल ने बड़े पर्दे के लिए लगभग दो से तीन साल तक कड़ी तैयारी की जिसमें घुड़सवारी, मार्शल आर्ट्स और एक्टिंग वर्कशॉप शामिल थे. इस बीच ट्विंकल खन्ना की मासूमियत और सुंदरता ने उन्हें इस लव स्टोरी के लिए एकदम सही चेहरा बना दिया. जब यह फिल्म 6 अक्टूबर 1995 को रिलीज हुई, तो उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं और दोनों नए कलाकारों ने दर्शकों को निराश नहीं किया.

फिल्म बादल (बॉबी देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गांव के बैकग्राउंड का एक मासूम और निडर लड़का है और टीना (ट्विंकल खन्ना) शहर की एक अमीर और जिद्दी, लेकिन नेक दिल लड़की है. बादल अपनी पढ़ाई के लिए कॉलेज जाता है, जहां उसकी मुलाकात टीना से होती है. शुरुआती नोकझोंक, बहस और गलतफहमियों के बाद, उनके बीच एक खूबसूरत और गहरा प्यार पनपता है. कहानी तब मोड़ लेती है जब टीना का लालची और बेरहम सौतेला पिता (परेश रावल) और उसका पुलिस ऑफिसर भाई उनके रिश्ते का विरोध करते हैं. बादल पर झूठे इल्जाम लगाए जाते हैं, जिसे जेल भेज दिया जाता है और टॉर्चर किया जाता है. लेकिन, बादल अपने प्यार को पाने के लिए हर मुश्किल को पार कर जाता है. राजकुमार संतोषी ने गांव के माहौल की सादगी और शहर की चकाचौंध के बीच के टकराव को खूबसूरती से दिखाया है. डैनी डेन्जोंगपा, मुकेश ऋषि और परेश रावल जैसे अनुभवी एक्टर्स ने नेगेटिव रोल में जान डाल दी, जिससे हीरो और विलेन के बीच का टकराव बहुत रोमांचक हो गया.

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90 के दशक में किसी भी रोमांटिक फिल्म की सफलता के लिए म्यूजिक एक जरूरी शर्त थी और ‘बरसात’ का म्यूजिक उस दौर की सबसे बड़ी USP बन गया. 90 के दशक की मशहूर म्यूजिक कंपोजर जोड़ी, नदीम-श्रवण ने इस फिल्म के लिए ऐसा टाइमलेस म्यूजिक बनाया जो तीन दशक बाद भी लोगों के दिलों में ताजा है. फिल्म के गाने ‘हमको सिर्फ तुमसे प्यार है’, ‘लव तुझे लव मैं करता हूं’, ‘नहीं यह हो नहीं सकता’ और ‘इश्क में एक पल की भी जुदाई’ रिलीज होने पर रेडियो और कैसेट प्लेयर पर हिट हो गए थे. अलका याग्निक, कुमार सानू और सोनू निगम की सुरीली आवाजों ने इन गानों को हर प्यार करने वाले का नेशनल एंथम बना दिया. गानों के कैसेट फिल्म रिलीज होने से महीनों पहले ही रिकॉर्ड तोड़ बिक चुके थे. इस जबरदस्त कामयाबी ने थिएटर के बाहर दर्शकों की लंबी लाइनों में बड़ा रोल निभाया.

जब ‘बरसात’ 6 अक्टूबर 1995 को थिएटर में आई, तो इसे जबरदस्त ओपनिंग मिली. साल 1995 को बॉलीवुड हिस्ट्री के सबसे कॉम्पिटिटिव सालों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसी साल शाहरुख खान की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘करण अर्जुन’ जैसी ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में भी रिलीज हुईं. इतने कड़े कॉम्पिटिशन के बावजूद, दो नए कलाकारों वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी.

फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड से ही हाउसफुल के साइन दिए थे. ट्रेड एनालिस्ट और बॉक्स ऑफिस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘बरसात’ ने उस समय 19 करोड़ से ज्यादा की नेट कमाई की थी, जो आज 100 करोड़ से ज्यादा के बराबर है. इस शानदार आंकड़े ने ‘बरसात’ को 1995 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बना दिया. ट्रेड पंडितों ने इसे ऑफिशियली ‘सुपरहिट’ घोषित कर दिया. इस सफलता ने साबित कर दिया कि दर्शक सिर्फ बड़े स्टार्स को ही नहीं, बल्कि फ्रेश एनर्जी और असली कंटेंट को भी महत्व देते हैं.

‘बरसात’ की जबरदस्त सफलता का फायदा इसके दो लीड एक्टर्स बॉबी देओल और ट्विंकल खन्ना को रातोंरात मिला. अपनी पहली ही फिल्म से दोनों नेशनल क्रश और देश के सबसे बड़े यूथ आइकॉन बन गए. बॉबी देओल का कर्ली हेयरस्टाइल, लंबे बाल, गॉगल्स और लेदर जैकेट स्टाइल युवाओं के बीच एक बड़ा फैशन ट्रेंड बन गया. कॉलेज जाने वाला हर युवा बॉबी देओल जैसा दिखना चाहता था. उनके फ्रेश और डैशिंग लुक ने उन्हें बॉलीवुड का नया ‘पोस्टर बॉय’ बना दिया. बॉबी को उस साल उनके शानदार डेब्यू के लिए बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला.

दूसरी तरफ, डिंपल कपाड़िया की परछाई मानी जाने वाली ट्विंकल खन्ना ने अपनी सादगी, खूबसूरत मुस्कान और चुलबुले अंदाज से लाखों दिल चुरा लिए. उनकी पहली ही फिल्म ने उन्हें नए प्रोजेक्ट्स के कई ऑफर दिए और उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड मिला. हालांकि बाद में दोनों एक्टर्स ने अलग-अलग करियर के रास्ते चुने, लेकिन ‘बरसात’ उनके करियर में एक माइलस्टोन फिल्म बन गई. आज भी 31 साल बाद जब 90 के दशक की सबसे यादगार डेब्यू फिल्मों की बात होती है, तो अक्सर ‘बरसात’ का जिक्र सबसे पहले होता है.

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First Published :

October 06, 2026, 12:09 IST



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