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उत्तर प्रदेश के बरेली में शहर के बीचों-बीच स्थित श्यामगंज-शाहदाना इलाके की तस्वीर जल्द ही पूरी तरह से बदलने वाली है. 100 साल से भी अधिक पुरानी और जर्जर हो चुकी मीटर गेज रेलवे लाइन की 100 बीघा जमीन पर अब एक शानदार आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनी बसाई जाएगी. रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने इस जमीन को 90 साल की लीज पर एक एजेंसी को दिया है. यहां 350 आवासीय फ्लैट्स और 50 कॉमर्शियल भवन बनाए जाएंगे. कानूनी अड़चनों को दूर करते हुए सड़क और बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है.
शहर के बीचों-बीच बसेगी कॉलोनी
बरेली: बरेली शहर के बीचों-बीच श्यामगंज और शाहदाना इलाके में एक बड़ा प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है. 100 साल से अधिक समय तक रेलवे के माल लदान का केंद्र रही और बाद में अतिक्रमण का शिकार हुई 100 बीघा जमीन पर अब एक नई और आधुनिक कॉलोनी बसने की तैयारी है.
श्यामगंज में कभी लकड़ी और मंडी का बड़ा कारोबार होता था. इस कारण करीब 100 साल पहले यहां मीटर गेज लाइन बिछाकर एक मालगोदाम स्थापित किया गया था. यह रेलवे लाइन मॉडल टाउन होते हुए इज्जतनगर स्टेशन तक जाती थी और माल लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचती थी. 1990-91 में इस लाइन को बंद कर दिया गया. रेलवे कर्मचारी बसंत चतुर्वेदी याद करते हैं कि पहले श्यामगंज से लकड़ी का लदान होता था और इस रूट पर एक ‘बाबू ट्रेन’ भी चला करती थी.
आरएलडीए ने संभाली कमान
रेलवे लाइन बंद होने के बाद, इस बेशकीमती जमीन और उसके किनारों पर भारी अतिक्रमण हो गया था. करीब चार साल पहले तत्कालीन डीएम और रेलवे प्रशासन के साझा प्रयासों से इस जमीन के व्यावसायिक उपयोग की योजना बनाई गई और जिम्मा रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) को सौंपा गया. आरएलडीए ने इस 100 बीघा जमीन को 90 साल की लीज पर एक निजी एजेंसी को दिया है, जो यहां 350 आवासीय फ्लैट्स और 50 व्यावसायिक (कॉमर्शियल) भवन बनाएगी. आठ महीने पहले, फरवरी में रेलवे ने आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से भारी विरोध के बीच अवैध कब्जों को हटाया और साइट पर बाड़ लगाई.
बीडीए और कोर्ट का पेंच
मार्च में बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शहरी क्षेत्र में भवन निर्माण को लेकर इस प्रोजेक्ट पर आपत्ति जता दी, जिससे काम रुक गया. आरएलडीए ने इस आपत्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी. कालोनी बसाने वाली एजेंसी के निदेशक आनंद अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट से मामला अब निस्तारित हो गया है. फिलहाल यह मामला रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (RERA) में है.
जल्द शुरू होगा निर्माण
रेरा से हरी झंडी मिलने का इंतजार है, लेकिन इस बीच एजेंसी ने साइट पर सड़क निर्माण और बिजली की लाइनें बिछाने का काम शुरू कर दिया है. पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन ने स्पष्ट किया कि आरएलडीए के इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और भविष्य में यदि रेलवे की अन्य जमीनों पर भी कब्जा पाया गया, तो उसे भी सख्ती से हटाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ बरेली शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा, बल्कि लोगों को एक शानदार आवासीय विकल्प भी मिलेगा.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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