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Pani Puri Business : अगर आप कम पैसे में अपना कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं तो पानी पूरी का काम बढ़िया विकल्प हो सकता है. अगर कोई साइकिल से गली मोहल्लों में घूमकर पानी पूरी बेचना चाहता है तो करीब 1000 हजार रुपये में शुरुआती सामान जुटाया जा सकता है. रामपुर में पानी पूरी बेचने वाले राजू लोकल 18 से बताते हैं कि अगर किसी एक जगह पर बाकायदा ठेला लगाना है तो ठेले समेत कुल लागत 25 हजार से 30 हजार रुपए तक पहुंच सकती है. राजू बताते हैं कि पानी पूरी का काम शुरू करने में ठेले का खर्च सबसे ज्यादा आता है. एक ठेला 20 से 25 हजार रुपये में मिलता है.
रामपुर. पानी पूरी खाना किसे नहीं पसंद. यही पसंद आपके लिए कमाई का जरिया भी बन सकती है. अगर आप कम पैसे में अपना छोटा कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं तो पानी पूरी का ठेला एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. रामपुर में पानी पूरी बेचने वाले राजू लोकल 18 से बताते हैं कि पानी पूरी का काम शुरू करने के लिए हर किसी को शुरुआत में ठेले पर हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है. अगर कोई साइकिल से गली मोहल्लों में घूमकर पानी पूरी बेचना चाहता है तो करीब 1000 हजार रुपये में शुरुआती सामान जुटाया जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग साइकिल पर पानी पूरी का सामान रखकर गली गली बेचते नजर आते हैं. इसमें ठेला खरीदने का खर्च नहीं आता इसलिए कम पूंजी में काम शुरू किया जा सकता है. अगर किसी एक जगह पर बाकायदा ठेला लगाना है तो ठेले समेत कुल लागत 25 हजार से 30 हजार रुपए तक पहुंच सकती है.
क्या-क्या चाहिए
राजू के मुताबिक, पानी पूरी तैयार करने के लिए मैदा का आटा इस्तेमाल होता है. एक किलो आटे में करीब 300 ग्राम रवा मिलाया जाता है. इससे पानी पूरी का स्वाद और कुरकुरापन अच्छा रहता है. मिर्च मसाला, गरम मसाला, इमली और पानी समेत कई चीजों की जरूरत पड़ती है. शुरुआती सामान करीब एक हजार रुपये में आ सकता है. राजू बताते हैं कि पानी पूरी का कारोबार शुरू करने में ठेले का खर्च सबसे ज्यादा आता है. एक ठेला करीब 20 से 25 हजार रुपये में मिल सकता है. इसके बाद शुरुआती सामान और दूसरे जरूरी खर्च जोड़ें तो करीब 30 हजार रुपये में पानी पूरी का पूरा सेटअप तैयार किया जा सकता है. इसमें पानी रखने से लेकर पानी पूरी बेचने के लिए जरूरी सामान तक शामिल किया जा सकता है.
राजू बताते हैं कि एक किलो आटे से करीब 350 पानी पूरी तैयार हो जाती हैं. यानी कम मात्रा में कच्चा माल लेकर भी काफी संख्या में पूरी तैयार की जा सकती हैं. इसमें आलू, मसाले, इमली की चटनी और पानी तैयार करने का खर्च अलग से जुड़ता है. अगर काम अपने हाथ से किया जाए और सामान की लागत को ठीक से संभाला जाए तो इस कारोबार में बचत की अच्छी गुंजाइश रहती है. राजू के मुताबिक, पानी पूरी बेचकर एक दिन में 500 से 600 या कभी-कभी 700 रुपये तक की दिहाड़ी निकल आती है. उनका कहना है कि इसमें सबसे बड़ा फायदा तब होता है जब पूरी और बाकी सामान खुद तैयार किया जाए. इससे बाहर से तैयार सामान खरीदने का खर्च बचता है और मुनाफा बढ़ सकता है.
सुबह से शाम तक
राजू बताते हैं कि पानी पूरी का ठेला ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा हो. कचहरी या बाजार जैसी भीड़ भाड़ वाली जगह पर यह काम चल सकता है. सुबह से लेकर दोपहर और शाम तक ग्राहक मिलते हैं. उनके मुताबिक करीब 12 बजे तक भी अच्छी बिक्री हो जाती है और बाकी समय भी ग्राहक आते रहते हैं. राजू का कहना है कि इस कारोबार में सिर्फ ठेला लगाना ही काफी नहीं है. पानी पूरी की पूरी तैयारी, मसाले, चटनी और पानी का स्वाद अच्छा होना जरूरी है. ग्राहक अगर स्वाद पसंद कर लें तो दोबारा भी आते हैं. इसलिए साफ सफाई और स्वाद पर ध्यान देना इस काम में काफी जरूरी है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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