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Jupiter transit benefit : बृहस्पति देवगुरु माने जाते हैं. इसे ज्ञान, धर्म, संतान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है. 8 अक्टूबर को गुरु नक्षत्र के पद में परिवर्तन करते हुए अश्लेषा के चौथे पद में प्रवेश करेंगे. अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम लोकल 18 से बताते हैं कि 31 अक्टूबर को बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन करते हुए मघा नक्षत्र के प्रथम पद में चले जाएंगे. इससे कुछ राशि के जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा. वृषभ राशि के लिए साहस और पराक्रम में वृद्धि के योग बन सकते हैं. कर्क राशि के लिए निर्णय लेने की क्षमता में सुधार देखने को मिल सकता है.
अयोध्या. वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को देवगुरु कहा जाता है. इसे ज्ञान, धर्म, संतान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है. वर्तमान में गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित हैं, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है. वह इस समय अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे पद में विराजमान हैं. 8 अक्टूबर को गुरु नक्षत्र के पद में परिवर्तन करते हुए अश्लेषा के चौथे पद में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गुरु के इस बदलाव का प्रभाव कई राशियों के जातकों पर देखने को मिल सकता है. अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम लोकल 18 से बताते हैं कि गुरु ने 19 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश किया था. 31 अक्टूबर तक वे इसी नक्षत्र में रहेंगे. इस दौरान गुरु अलग-अलग चरणों में गोचर करेंगे.
8 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 3 मिनट पर गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चतुर्थ पद में प्रवेश करेंगे. 31 अक्टूबर को नक्षत्र परिवर्तन करते हुए मघा नक्षत्र के प्रथम पद में चले जाएंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं. ऐसी स्थिति में गुरु के नक्षत्र परिवर्तन करने का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातक पर सकारात्मक और नकारात्मक तौर पर पड़ेगा. कुछ राशि के जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के चौथे पद में प्रवेश कई मामलों में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. गुरु आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं. ऐसे में साहस और पराक्रम में वृद्धि के योग बन सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ने से जातक कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन में अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने में सफल हो सकते हैं. इस अवधि में भाग्य का साथ मिलने की भी संभावना जताई जा रही है. प्रयासों में सफलता हासिल करने के मौके मिल सकते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए भी गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गुरु आपकी राशि के लग्न भाव में स्थित हैं. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार देखने को मिल सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रह सकता है और पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है. नौकरी या कार्यक्षेत्र में किए गए काम की सराहना हो सकती है. नई जिम्मेदारी मिलने के योग भी बन रहे हैं.
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर महत्वपूर्ण हो सकता है. गुरु आपकी राशि से सातवें भाव में स्थित हैं. इसके प्रभाव से साझेदारी, वैवाहिक जीवन और व्यक्तिगत संबंधों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. अविवाहित जातकों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं. लंबे समय से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होने की संभावना है. दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक माहौल बन सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नए मौके मिलने के योग बन सकते हैं.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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