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Who is beauty dungdung Indian women hockey player: झारखंड की ब्यूटी डुंगडुंग के लिए पहला हॉकी वर्ल्ड कप सिर्फ करियर का सबसे बड़ा मौका ही नहीं, बल्कि मुश्किल हालात के बीच अपने पिता के सपने को पूरा करने का भी मौका है. बीमार मां की चिंता के बावजूद उनका पूरा फोकस भारत को जीत दिलाने पर है.
पहला हॉकी वर्ल्ड कप खेलेंगी ब्यूटी डुंगडंग.
नई दिल्ली. किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है कि वह देश के लिए खेले. इससे भी बड़ा सपना यह होता है कि वह देश को वर्ल्ड कप खेले और जिताए भी. झारखंड की ब्यूटी डुंगडुंग का यही सपना साकार होने जा रहा है. 23 वर्षीय स्टार पहली बार भारत की जर्सी में महिला हॉकी वर्ल्ड कप खेलने की तैयारी कर रही हैं. हालांकि, यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा. पिता को खोने के बाद मां को लकवा मार गया. जीवन के इन सबसे मुश्किल लम्हों में टूटकर बिखरने के बजाय ब्यूटी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने सपनों को भी जिंदा रखा. अब वह हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं. भले ही वह वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी हैं, लेकिन उन्हें हजारों किलोमीटर दूर घर पर लकवाग्रस्त मां की बिगड़ती सेहत की चिंता भी है. हालांकि, उनका लक्ष्य एक है की वर्ल्ड कप में भारत के लिए दमदार प्रदर्शन करें और टीम को चैंपियन बनाएं.
पिता की मौत ने हिला दिया था पूरा परिवार
ब्यूटी डुंगडुंग झारखंड के सिमडेगा जिले की रहने वाली हैं. साल 2023 उनके जीवन का सबसे कठिन दौर साबित हुआ. वह सर्जरी से उबर रही थीं, तभी सड़क हादसे में उनके पिता अमरुष डुंगडुंग की मौत हो गई. यह सिर्फ पिता को खोने का दुख नहीं था. उनके पिता ही वह शख्स थे, जिन्होंने पहली बार उनके हाथ में हॉकी स्टिक थमाई थी और खेल की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था. ब्यूटी बताती हैं कि उस समय उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह आगे हॉकी खेल भी पाएंगी या नहीं. कई दिनों तक वह अपने खेल पर ध्यान नहीं लगा सकीं.
मां की बीमारी हर पल सताती है
पिता के निधन के बाद ब्यूटी की मां की जिम्मेदारी भी परिवार पर आ गई. उनकी मां पहले से ही लकवे से पीड़ित हैं और समय के साथ उनकी हालत और बिगड़ती गई. ब्यूटी ने बताया कि जब वह हाल ही में घर गई थीं, तब मां की तबीयत कुछ बेहतर थी, लेकिन बेंगलुरु लौटने के अगले ही दिन खबर मिली कि वह ठीक से उठ भी नहीं पा रही हैं और चलना भी मुश्किल हो गया है. यही वजह है कि कई बार अभ्यास के दौरान भी उनका ध्यान घर की ओर चला जाता है. उन्होंने बताया, ‘कभी-कभी प्रैक्टिस करते समय भी मां की चिंता सताती है, लेकिन मैं खुद को याद दिलाती हूं कि इस समय मेरी जिम्मेदारी भारत के लिए खेलना है.’
भाई संभाल रहे हैं मां की जिम्मेदारी
ब्यूटी नेशनल टीम के कैंप में हैं, जबकि उनकी मां की देखभाल सिमडेगा में बड़े भाई और उनका परिवार कर रहा है. हालांकि, हजारों किलोमीटर की दूरी उनकी चिंता कम नहीं कर पाती. वह मानती हैं कि कई बार घर की बातें उनके दिमाग में आती हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही वह पूरा ध्यान टीम पर लगाने की कोशिश करती हैं.
पहले वर्ल्ड कप में खुद को साबित करने का मौका
भारत इस महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले महिला हॉकी वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगा. ब्यूटी डुंगडुंग भी पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत की जर्सी पहनकर उतरेंगी. उनके लिए यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अपने पिता के सपनों को साकार करने और हर मुश्किल के बावजूद आगे बढ़ने की कहानी लिखने का मौका है. ब्यूटी कहती हैं, ‘मैं घर की हर परिस्थिति को नियंत्रित नहीं कर सकती, लेकिन मैदान पर अपना प्रदर्शन जरूर नियंत्रित कर सकती हूं. मेरा पूरा ध्यान टीम पर है और मैं चाहती हूं कि भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूं.’
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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