संवाददाता@रामकेश यादव…

जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया महापर्व को लेकर शनिवार को केकराही बाजार में काफी चहल-पहल रही। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं द्वारा रखे जाने वाले इस निर्जला व्रत की तैयारियों के लिए बाजार में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जुटने लगी।
बाजार में फल, फूल, पूजा सामग्री और श्रृंगार की दुकानों पर विशेष रूप से खरीदारी देखने को मिली। व्रत के लिए सेब, केला, अनार, नींबू, सिंघाड़ा और खीरा समेत विभिन्न फलों की मांग बढ़ गई। इसके अलावा जिउतिया की पूजा में उपयोग होने वाली टोकरी, सियार-सियारिन की मिट्टी की प्रतिमाएं, धागा, सिंदूर, मेहंदी और नई साड़ियों की भी खरीदारी हुई।

फल विक्रेताओं के मुताबिक पर्व को लेकर इस बार ग्राहकी अच्छी रही। कई दुकानदारों को दिन में ही अतिरिक्त सामान मंगाना पड़ा। बाजार में बढ़ी भीड़ का असर आसपास के मार्गों पर भी दिखाई दिया और केकराही सहित करमा क्षेत्र के प्रमुख रास्तों पर दिनभर आवाजाही बनी रही।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि जिउतिया का व्रत संतान की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना से रखा जाता है। निर्जला व्रत होने के कारण इसकी पूजा और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर ली जाती है।
पर्व के मद्देनजर बाजार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की सक्रियता दिखाई दी। जिउतिया को लेकर बाजार में बढ़ी खरीदारी से स्थानीय दुकानदारों में भी उत्साह नजर आया।