• Home
  • Privacy Policy
Wednesday, August 5, 2026
Sonebhadra Live
Advertisement
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

चांदीपुरा वायरस पर केंद्र ने संभाला मोर्चा, गुजरात और राजस्थान में टीमें तैनात, Rajasthan Hindi News

Admin by Admin
August 5, 2026
in राष्ट्रीय
0
चांदीपुरा वायरस पर केंद्र ने संभाला मोर्चा, गुजरात और राजस्थान में टीमें तैनात, Rajasthan Hindi News
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


केंद्र सरकार ने गुजरात और राजस्थान में फैले चांदीपुरा वायरस से निपटने के लिए राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजॉर्ट) तैनात किया है। एनजॉर्ट की मदद के लिए आपातकालीन केंद्र भी एक्टिव किया गया है। 

गुजरात और राजस्थान में फैले चांदीपुरा वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार ऐक्शन मोड में नजर आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चांदीपुरा वायरस के प्रकोप से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजॉर्ट) तैनात किया है। यही नहीं सहायता के लिए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशनल सेंटर यानी (PHEOC) भी सक्रिय किया है। एनजॉर्ट में आईसीएमआर जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हैं जो राज्य सरकारों के साथ मिलकर बीमारी की निगरानी, जांच, इलाज और रोकथाम पर काम कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह तैनाती देश भर में प्रमुख रिसर्च संस्थानों के नेटवर्क की ओर से लगातार और तेज की जा रही साइंटिफिक जांच के साथ इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के तहत बीमारी की लगातार निगरानी को देखते हुए की गई है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) राज्य सर्विलांस यूनिट्स के साथ मिलकर इन टीमों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहा है।

केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का मकसद वायरस के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी को जुटाना है। इसमें वायरस के फैलने और लोगों को बीमार बनाने की क्षमता के साथ ही संभावित इलाज के तरीके की खोजबीन भी शामिल है। यही कारण है कि राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजॉर्ट) की मदद के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को भी एक्टिवेट किया गया है।

गौरतलब है कि यह तैनाती चांदीपुरा वायरस के लिए की सबसे बड़ी साइंटिफिक जांचों की मुहिम के बीच हुई है। ICMR NIE चेन्नई, ICMR NIVCR पुडुचेरी, ICMR NIV पुणे, ICMR NIPCR हैदराबाद और ICAR NIVEDI बेंगलुरु के दिग्गज विशेषज्ञ वायरस के प्रकोप की जांच के लिए गुजरात स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पशुपालन और डेयरी विभाग के विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम भी राजस्थान और गुजरात की सरकारों की मदद करेगी। टीम वायरस के प्रकोप की जांच करने, फैलने के कारणों को समझने, मरीजों के इलाज, लैब के काम में तालमेल बनाने, मच्छरों-कीड़ों की निगरानी करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदमों को लागू करने में अपने सुझाव देगी।

बताया जाता है कि विशेषज्ञों संयुक्त टीम राज्यों के स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर जमीनी हालात की भी पड़ताल करेगी। यह अपने निष्कर्षों के आधार पर केंद्र सरकार को सलाह देगी। गौर करने वाली बात यह भी कि एपिडेमियोलॉजी, वायरोलॉजी, एंटोमोलॉजी, वेटेरिनरी साइंस और लैबोरेटरी डायग्नोस्टिक्स के विशेषज्ञ एक साथ चांदीपुरा वायरस के प्रकोप के पैटर्न को समझने के लिए आगे आए हैं।

विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि कैसे वायरस के प्रकोप के बाद हल्के बुखार से एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) हो जाता है। प्रभावित जिलों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस (AFI) और AES वाले मरीजों के बीच जांच तेज कर दी गई है। यही नहीं बिना लक्षण वाले इन्फेक्शन से लेकर वायरस के फैलने के दायरे का सटीक पता लगाने के लिए कम्युनिटी बेस्ड यानी सामूहिक सीरोसर्वे किए जा रहे हैं। टीमें वायरस की फौरन पहचान के साथ प्रकोप को बेहतर ढंग से समझने के लिए बेहतर मॉडल बनाने पर काम कर रही हैं।

माना जाता है कि सैंडफ्लाई चांदीपुरा वायरस के वाहक हैं लेकिन विशेषज्ञ पता लगा रहे हैं कि क्या दूसरे आर्थ्रोपोड जैसे मच्छर, टिक और माइट भी तो इस वायरस को नहीं फैला रहे। प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में वेक्टर सैंपल लैबोरेटरी में जांच के दौर से गुजर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक मौजूदा बीमारी के लिए जिम्मेदार सटीक वेक्टर की पहचान जल्दबाजी होगी।

गौरतलब है कि टीमें गुजरात में 2024 में चांदीपुरा वायरस के फैलने से भी सबक ले रही हैं। साल 2024 में सैंडफ्लाई समेत कई वेक्टर जीवों यानी वाहकों की जांच की गई थी लेकिन सभी सैंपल वायरस के लिए नेगेटिव थे। उस समय किसी खास वेक्टर की पक्के तौर पर पहचान नहीं हो सकी थी। वैज्ञानिक यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या वायरस में जेनेटिक बदलाव हुए हैं। मौजूदा वक्त में वायरस की पूरी जीनोम सीक्वेंसिंग गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर गांधीनगर में की जा रही है।

वैज्ञानिक यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या वायरस पालतू जानवरों में फैल रहा है। इसके लिए पशुओं के नमूने भी जांचें जा रहे हैं। ये जांचें इसलिए जरूरी मानीं जा रही हैं क्योंकि पशु वायरस बैंक के तौर पर काम कर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह बड़ा खतरा होगा। मवेशियों, भैंसों और बकरियों के खून के नमूनों की जांच की जा रही है। यही नहीं दूध के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। करीब 70 जानवरों के खून के सैंपल जमा किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक लैब से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आता किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल होगा।

गुजरात में 22 बच्चों की मौत

गुजरात में इस मॉनसून सीजन के दौरान चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसेरिया ने सोमवार को बताया कि इस मॉनसून सीजन में राज्य में चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) से 22 बच्चों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि सीएचपीवी के 184 संदिग्ध मामलों में से 35 नमूनों में संक्रमण मिला है। हैरान करने वाली बात यह भी कि मामले किसी एक खास गांव तक सीमित नहीं हैं। वायरस फैलने के मामले अलग-अलग इलाकों से सामने आ रहे हैं।

चांदीपुरा वायरस एन्सेफलाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी की वजह बनता है। अब तक यही माना जाता है कि यह सैंडफ्लाई यानी रेत मक्खी एवं अन्य कीटों से फैलता है। वायरस के संक्रमण से मस्तिष्क में सूजन हो जाता है। चांदीपुरा वायरस का मामला पहली बार 1965 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुरा गांव से सामने आया था। यह वायरस मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण से बुखार, फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। बाद में मस्तिष्क में सूजन होने का खतरा होता है। इसके बाद मरीज की हालत बिगड़ जाती है।



Source link

Previous Post

ओबरा. घर लौट रही नाबालिक से दुष्कर्म, मुक़दमा दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार

Next Post

19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान…मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान

Next Post
19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान…मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान

19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान...मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Categories

  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

Recent News

  • सोनभद्र. तियरा स्टेडियम को ‘संवारेगा’ यूपीआरएनएसएस, 6.73 करोड़ होंगे खर्च
  • 19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान…मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान
  • चांदीपुरा वायरस पर केंद्र ने संभाला मोर्चा, गुजरात और राजस्थान में टीमें तैनात, Rajasthan Hindi News
  • ओबरा. घर लौट रही नाबालिक से दुष्कर्म, मुक़दमा दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार
  • सोनभद्र. जिले में लोकायुक्त की जांच; कार्यालय व संस्कार भवन का निरीक्षण, नहीं मिले कई अभिलेख

Breaking News

सोनभद्र. तियरा स्टेडियम को ‘संवारेगा’ यूपीआरएनएसएस, 6.73 करोड़ होंगे खर्च

by JK Gupta
August 5, 2026
0

@जे0 के0...... Sonbhadra।  खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

Read moreDetails

19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान…मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान

19 को भारत से भिड़ेगा पाकिस्तान…मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए पीएचएफ ने किया टीम का ऐलान
by Admin
August 5, 2026
0

नई दिल्ली. वर्ल्ड हॉकी के सबसे बड़े और सबसे रोमांचक मंच पर एक बार फिर पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान...

Read moreDetails

उत्तर प्रदेश

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

September 16, 2025
रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

September 16, 2025
TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

September 16, 2025
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live | Website By- Cliker Studio

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

© 2025 Sonebhadra Live | Website By- Cliker Studio