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Aradhana Mishra UP Congress Chief: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा उलटफेर हुआ है. दिल्ली में देर रात तक चली मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस हाईकमान ने अजय राय को हटाकर रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. इसके साथ ही सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और देवेंद्र निषाद व आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधानमंडल दल (CLP) का नेता चुना गया है.
आराधना मिश्रा बनी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की चीफ. (फाइल फोटो-पीटीआई)
UP Congress Chief: तमाम अटकलों पर विराम लग चुका है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ा बदलाव किया गया है. दिल्ली में देर रात हुए हाईकमान की मैराथन बैठक में यूपी और पंजाब में बड़ा बदलाव किया गया. यूपी में अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. पिछले कई दिनों से लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि अजय राय अपने ही सहयोगी दल समाजवादी पार्टी (सपा) से तालमेल बैठाने नाकामयाब हो रहे हैं, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर हो सकता था. इसे ही देखते हुए हाईकमान ने आराधना मिश्रा को यूपी का कमान सौंपने का फैसला लिया. मिश्रा के यूपी चीफ चुने जाने के कई कारण हो सकते हैं.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने देर रात उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठनात्मक बदलाव का प्रेस रिलीज जारी किया. इसमें लिखा गया कि आराधना मिश्रा मोना को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसके साथ ही पार्टी ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और देवेंद्र निषाद व आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप रही है. कांग्रेस ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की सराहना की है. वहीं, संगठन के साथ-साथ विधानमंडल में भी फेरबदल करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधानमंडल दल (सीएलपी) का नया नेता नियुक्त करने को मंजूरी दी है. इस प्रेस रिलीज पर पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की हस्ताक्षर है. इसके अनुसार, ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं.
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
यूपी कांग्रेस की नई कमान संभालने वाली आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रदेश की राजनीति में किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं:
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: आराधना मिश्रा कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं.
- लगातार जीत का रिकॉर्ड: वह प्रतापगढ़ की परंपरागत सीट ‘रामपुर खास’ से लगातार विधायक चुनी जाती रही हैं.
- कठिन दौर में पार्टी का चेहरा: साल 2022 के विधानसभा चुनाव में जब प्रचंड लहर के बीच कांग्रेस पूरे प्रदेश में केवल दो सीटों पर सिमट गई थी, तब भी आराधना मिश्रा ने अपने गढ़ रामपुर खास को मजबूती से बचाए रखा था.
- सदन में धारदार भूमिका: वह अब तक यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता के रूप में सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर लगातार घेरती रही हैं. उनकी साफ-सुथरी छवि, वाकपटुता और जमीनी पकड़ उन्हें संगठन का मजबूत चेहरा बनाती है.
क्यों गिरी अजय राय पर गाज?
सियासी गलियारों में बीते कई दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट चल रही थी. बताया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सहयोगी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीटों और रणनीति के स्तर पर जिस तालमेल की उम्मीद हाईकमान कर रहा था, अजय राय उसमें पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे थे. प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ भी मतभेद की खबरें सामने आई थीं. इसके अलावा, अजय राय का जातीय आधार प्रदेश स्तर पर बहुत सीमित माना जा रहा था.
2027 के लिए कांग्रेस का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ दांव
आराधना मिश्रा ‘मोना’ को आगे कर कांग्रेस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं. एक तरफ जहां पार्टी ने यूपी के पारंपरिक ब्राह्मण मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है, वहीं आधी आबादी यानी महिला वोट बैंक को भी सीधा संदेश दिया है. साथ ही इमरान मसूद, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को शीर्ष पदों पर बिठाकर कांग्रेस ने मुस्लिम, ओबीसी और दलित मतों को एकजुट कर 2027 के दंगल में नई ताकत के साथ उतरने की रणनीति तैयार की है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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