• Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

गुलाब-जैस्मिन से लेकर मसालों तक… कन्नौज के इत्रों ने UP ट्रेड शो में महका दी खुशबू, लोगों को आ रहा पसंद

Admin by Admin
October 2, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
गुलाब-जैस्मिन से लेकर मसालों तक… कन्नौज के इत्रों ने UP ट्रेड शो में महका दी खुशबू, लोगों को आ रहा पसंद


ग्रेटर नोएडा: कन्नौज की पहचान सिर्फ एक शहर के तौर पर नहीं, बल्कि सदियों पुरानी इत्र की खुशबू के लिए भी है. इसी पारंपरिक खुशबू को नए बाजार और ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कन्नौज का Earthveda पहली बार UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहुंचा. स्टॉल पर फूलों, मसालों और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए इत्र लोगों के आकर्षण का केंद्र बने.

अर्थवेदा से जुड़े अभय ने बताया कि उनका संबंध कन्नौज से है और पहली बार UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लेने का मौका मिला है. उन्होंने कहा कि कन्नौज लंबे समय से इत्र निर्माण के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है. यहां प्राकृतिक सामग्री से इत्र तैयार करने की परंपरा आज भी जारी है और अर्थवेदा इसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है.

फूलों से लेकर मसालों तक की खुशबू
उन्होंने कहा कि अर्थवेदा के इत्रों की खासियत इनके प्राकृतिक स्वरूप में है. अभय के मुताबिक, उनके यहां तैयार किए जाने वाले सभी इत्र अल्कोहल-फ्री हैं. उन्होंने बताया कि आम तौर पर कई परफ्यूम में अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उनके उत्पाद प्राकृतिक सामग्री और पारंपरिक इत्र निर्माण की प्रक्रिया पर आधारित हैं. इनमें गुलाब और जैस्मिन जैसे फूलों से तैयार किए गए इत्र प्रमुख हैं.

अभय ने कहा कि फूलों की प्राकृतिक खुशबू को इत्र के रूप में तैयार कर अलग-अलग वैरायटी ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके अलावा कुछ इत्र मसालों से भी तैयार होते हैं. मसालों से बनने वाली खुशबुओं को गर्म तासीर वाला माना जाता है और इनका इस्तेमाल विशेष रूप से सर्दियों में किया जाता है.

Advertisement
Advertisement
Advertisement

मुख़ल्लत में मिलती हैं कई खुशबुओं की झलक
अर्थवेदा की खास पेशकश में मुख़ल्लत भी शामिल है. इसमें अलग-अलग फूलों और मसालों की खुशबुओं को मिलाकर एक अलग सुगंध तैयार की जाती है. अभय ने बताया कि कंपनी मुख़ल्लत की कई वैरायटी तैयार करती है. इनमें अलग-अलग प्राकृतिक खुशबुओं के संयोजन देखने को मिलते हैं. लैवेंडर समेत कई तरह की खुशबुएं भी ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती हैं.

कंपनी के उत्पादों में सिर्फ इत्र ही नहीं, बल्कि रोज वॉटर भी शामिल है. इसे त्वचा के लिए उपयोगी बताया जाता है और कॉस्मेटिक इस्तेमाल में भी इसकी मांग रहती है. इसके अलावा पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली धूपबत्ती भी इनके उत्पादों का हिस्सा है.

500 रुपये से 8500 रुपये तोला तक कीमत
अर्थवेदा के इत्रों की कीमत भी अलग-अलग वैरायटी और इस्तेमाल की गई सामग्री के आधार पर तय होती है.  उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआती कीमत करीब 500 रुपये प्रति तोला है. इसके बाद अलग-अलग उत्पादों की कीमत 1,000, 1,500, 2,000 और 3,000 रुपये प्रति तोला तक जाती है. कंपनी के पास प्रीमियम श्रेणी के उत्पाद भी हैं. सबसे महंगे इत्र की कीमत करीब 8,500 रुपये प्रति तोला बताई गई, जिसमें ऊद का भी इस्तेमाल किया गया है. इस तरह यहां सामान्य बजट से लेकर प्रीमियम श्रेणी तक के ग्राहकों के लिए विकल्प मौजूद हैं.

परंपरा और आधुनिक बाजार का संगम
UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी मौजूदगी कन्नौज की पारंपरिक इत्र कला को व्यापक मंच देने की दिशा में एक कदम है. फूलों और मसालों की प्राकृतिक खुशबुओं से तैयार इत्र के जरिए कंपनी कन्नौज की पुरानी विरासत को नए ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कन्नौज की गलियों और पारंपरिक इत्र कारोबार से निकलकर इन खुशबुओं का अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले तक पहुंचना इस बात को भी दर्शाता है कि पारंपरिक उत्पाद आज आधुनिक बाजार में अपनी अलग जगह बना सकते हैं.



Source link

Post Views: 8
Previous Post

‘घर से वादा करके गया था, गोल्ड लेकर लौटूंगा’, पहलवान सुजीत कलकल के जीत की कहानी, सुनिए पिता की जुबानी

Next Post

रेणुकूट. ईएसआई चिकित्सालय में गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता और वृक्षारोपण

Next Post

रेणुकूट. ईएसआई चिकित्सालय में गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता और वृक्षारोपण

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Advertisement
Advertisement
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.