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Mahatma Gandhi: देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. उनके जुड़े किस्से कहानियों को लोग याद कर रहे हैं. सोशल मिडिया पर भी लोग उनसे जुड़ी बातों को शेयर कर रहे हैं. उनके जयंती को बीते कुछ सालों से बीजेपी स्वच्छता दिवस के तौर पर मना रही है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का काशी से भी गहरा नाता रहा है.
अपने पूरे जीवन काल के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कुल 11 बार काशी आए थें. साल 1903 में पहली बार महात्मा गांधी ने काशी की धरती पर कदम रखा था. इस दौरान वें शहर की गलियों से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे. उस वक्त उन्होंने मंदिर में दर्शन पूजन किया था. महात्मा गांधी जिन रास्तों से होकर मंदिर गए थे वहां उन्होंने खूब गंदगी देखी थी.
इन गंदगी को देखने के बाद भी महात्मा गांधी ने अपने उस दौरे के दौरान इसकी कोई चर्चा नहीं की. फिर वें सन 1916 में बनारस हिन्दू यूनिवार्सिटी के स्थापना दिवस पर यहां आए. महामना मदन मोहन मालवीय जी के साथ उन्होंने मंच शेयर किया. इसी खुले मंच से महात्मा गांधी ने 13 साल पुराने अनुभव को शेयर किया.
मंच पकड़ते ही महात्मा गांधी ने कहा कि इसके पहले जब मैं काशी आया, तो यहां के सबसे प्रसिद्ध मंदिर में मुझे भगवान के दर्शन करने का सौभाग्य मिला. दर्शन करके मन को शांति तो मिली लेकिन वहां गंदगी देख मेरा मन काफी व्यथित हुआ. उन्होंने कहा कि इस महान मंदिर के आसपास खूब गंदगी थी. कोई अजनबी यदि यहां चला आएगा तो वो क्या ही सोचेगा.
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यदि वो अजनबी हिन्दू के बजाए किसी और धर्म से होगा, तो इन दूर व्यवस्थाओं पर उसका सवाल उठाना, हमारी निंदा करना ये बिलकुल भी गलत नहीं होगा. हमें अपने आसपास और खासकर धार्मिक स्थलों पर सफाई की उपयुक्त व्यवस्था जरूर करनी चाहिए. 110 साल पहले ही बापू के इस भाषण ने देश में स्वच्छता अभियान की जंग को छेड़ दिया था.
बता दें कि 1903 के बाद 1916 में भी जब महात्मा गांधी काशी आए थे, तो उस वक्त भी उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किया था. उस समय भी पहले जैसी तस्वीर ही उन्हें मंदिर के आस पास नजर आई थी. इसी कारण वो अपने गुस्से को रोक नहीं पाए और खुले मंच से उन्होंने सब कुछ कह डाला.
बीएचयू के टूरिज्म डिपार्टमेंट के प्रोफेसर प्रवीण सिंह राणा ने बताया कि महात्मा गांधी ने काशी हमारे पवित्र मंदिर के करीब गंदगी के अम्बार को देख उसी वक्त स्वच्छता के मुहीम को जगाने की ठान ली थी, लेकिन वक्त देश आजाद नहीं था ऐसे में उनकी पहली प्रयोरिटी देश की आजादी थी लेकिन बीएचयू के स्थापना दिवस पर खुले मंच से उनका ये कहना लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का एक संदेश था.
बताते चलें कि महात्मा गांधी अपने पूरे जीवन काल में 11 बार काशी का दौरा किया था. बीएचयू के स्थापना दिवस के अलावा वें 1934 में भी काशी आए थें. उनका ये काशी दौरा एक सप्ताह का था. इस दौरान वें काशी विद्यापीठ में ठहरे थे. इस दौरान वे अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यकारिणी समिति तथा केंद्रीय हरिजन सेवक संघ के अधिवेशन में शामिल हुए थे.
इस दौरान भी उन्होंने स्वच्छता की बात कही थी. महात्मा गांधी ने कहा था की देश के लिए आजादी जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण स्वच्छता भी है. इसलिए हमे अपने घर के आसपास साफ सफाई जरूर रखनी चाहिए. महात्मा गांधी के इसी सपने को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं.

