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Umesh Pal Wife Jaya Pal:उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया है. इस नई कार्यकारिणी में सबसे चर्चित और चौंकाने वाला नाम प्रयागराज से सामने आया है. दिवंगत अधिवक्ता उमेश पाल की पत्नी जया पाल को प्रदेश मंत्री की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. अतीक अहमद गैंग द्वारा उमेश पाल की नृशंस हत्या के बाद से ही जया पाल लगातार सुर्खियों में रही हैं. भाजपा के मंचों पर सक्रिय दिखने वाली जया पाल की इस नई भूमिका को प्रयागराज की शहर पश्चिमी सीट से उनके संभावित सियासी सफर की शुरुआत माना जा रहा है.
बीजेपी ने उमेश पाल की पत्नी की दी बड़ी जिम्मेदारी. (फाइल फोटो)
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन को मजबूत करने की कवायद के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा दांव चला है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की निगरानी में भाजपा पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अध्यक्षों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है. इस नई कार्यकारिणी में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महामंत्री और 10 प्रदेश मंत्रियों को जगह मिली है. लेकिन इस पूरी सूची में जिस एक नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है प्रयागराज की जया पाल का नाम है.
जया पाल कोई आम चेहरा नहीं हैं. वह बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड की मुख्य गवाह और पीड़ित हैं. गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े अधिवक्ता उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में तैनात दो सरकारी गनरों की बम और गोलियां मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात का सीधा आरोप माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और उनके गुर्गों पर लगा था. इस खौफनाक घटना के बाद, 15 अप्रैल 2023 को पुलिस कस्टडी में मेडिकल के लिए ले जाते समय अतीक और अशरफ की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जया पाल ने जिस तरह से न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, उसने उन्हें एक मजबूत महिला के रूप में स्थापित किया.
अब मिली औपचारिक एंट्री
अपने पति की हत्या के बाद से ही जया पाल भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के काफी करीब आ गई थीं. प्रयागराज में सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य बड़े भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों में जया पाल अक्सर मंच साझा करती हुई नजर आती थीं. हालांकि, अब तक वह पार्टी में किसी आधिकारिक पद पर नहीं थीं. पिछड़ा वर्ग मोर्चा में प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर उनकी औपचारिक एंट्री और कद दोनों तय हो गए हैं.
2027 के लिए शहर पश्चिमी सीट से दावेदारी की सुगबुगाहट
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जया पाल को प्रदेश मंत्री का पद देना केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी रणनीति का हिस्सा है. प्रयागराज की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं कि जया पाल आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘शहर पश्चिमी’ सीट से भाजपा की प्रबल दावेदार हो सकती हैं. यह वही सीट है जहां कभी माफिया अतीक अहमद का दबदबा हुआ करता था और इसी क्षेत्र में उमेश पाल की हत्या हुई थी.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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