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Meerut News: गांधी जयंती के अवसर पर मेरठ के श्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम में 24 घंटे तक चरखा चलाकर सूत काने की पंरपरा आज भी कायम है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलने का आह्वान करता है. गांधी जयंती के उपलक्ष में लगातार 24 घंटे तक चरखे को चलाते हुए सूत को काटते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलने का आवाहन किया जाता है.
मेरठ: देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया जाता है. लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ की बात करें तो मेरठ स्थित श्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम में एक अजब ही नजारा देखने को मिलता है. जब गांधी जयंती के उपलक्ष में लगातार 24 घंटे तक चरखे को चलाते हुए सूत को काटते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलने का आवाहन किया जाता है. इन्हीं बातों को ध्यान रखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा भी ग्राउंड पर रिपोर्ट करते हुए क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के मंत्री पृथ्वी सिंह रावत से खास बातचीत की.
वर्ष 1995 से कायम है परंपरा
लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम की मंत्री पृथ्वी सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 1995 में गांधी आश्रम के 75 वर्ष पूर्ण होने पर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जो अभी तक जारी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती से एक दिन पूर्व इस परंपरा को शुरू किया जाता है. लगातार 24 घंटे तक लगातार चरखा चलाकर सूत काटा जाता है. इसका प्रमुख उद्देश्य यही है कि जो भी युवा गांधी जयंती के अवसर पर श्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम आए. वह सभी खादी से रूबरू हो सके. खादी के प्रति उनका रुझान बढें. किस प्रकार खादी से जुड़े हुए लोग रुई से सूत बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं.
शिफ्ट बाइज लगाई जाती है ड्यूटी
परंपरा को निभाने के लिए ड्यूटी का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें गांधी आश्रम के कर्मचारी 24 घंटे तक चरखा चलाने के लिए ढाई-ढाई घंटे की शिफ्ट में कार्य करते हैं. खास बात यह है कि रात के समय भी चरखे को चलाने की परंपरा को नहीं रोका जाता है. उस दौरान भी कर्मचारी आपको इस कार्य को करते हुए दिखाई दें.
बताते चलें कि मेरठ के श्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम की अगर बात की जाए तो वर्ष 1920 में जेबी कृपलानी की ओर से इसकी नियम रखी गई थी. देश आजादी से संबंधित विभिन्न रणनीति भी इसी गांधी आश्रम में बनाई गई थी. साथ ही देश आजाद होने के पश्चात पहली बार जो राष्ट्र ध्वज फहराया गया था, उसे भी मेरठ के श्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम में ही तैयार किया गया था.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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