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Bevafa Chaiwala Story: बलिया में एक चाय की दुकान इन दिनों अपने नाम की वजह से लोगों का ध्यान खींच रही है. बांसडीह मार्ग पर पिंडारा पेट्रोल पंप के सामने ‘बेवफा चायवाला’ नाम से दुकान चलाने वाले रितेश कुमार यादव ने प्यार में मिले धोखे को ही अपनी दुकान की पहचान बना लिया. दुकान के नीचे लिखा है, ‘क्या लेंगे आप, चाय या धोखा…?’ रितेश यहां पीतल के बर्तन में चाय बनाते हैं और मिट्टी के कुल्हड़ में ग्राहकों को देते हैं. लाल चाय, नींबू चाय, मलाई चाय और दूध वाली चाय समेत कई विकल्प यहां मिलते हैं. सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाली इस दुकान पर दूर-दूर से लोग चाय पीने पहुंचते हैं.
Bevafa Chaiwala Story: बलिया में एक चाय की दुकान इन दिनों अपने नाम की वजह से लोगों का ध्यान खींच रही है. दुकान का नाम है ‘बेवफा चायवाला’ और बाहर लिखा है- ‘क्या लेंगे आप, चाय या धोखा?’ नाम पढ़कर लोग रुकते हैं, चाय पीते हैं और फिर इस नाम के पीछे की कहानी पूछते हैं. इस दुकान को चलाने वाले रितेश कुमार यादव का कहना है कि प्यार में मिले धोखे ने ही उन्हें इस नाम तक पहुंचाया.
बलिया के बांसडीह पिंडारा के रहने वाले रितेश सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक दुकान पर चाय बनाते हैं. यहां लाल चाय, नींबू वाली चाय, मलाई वाली चाय और दूध वाली चाय मिलती है. रितेश बताते हैं कि उनकी जिंदगी की पीछे की कहानी काफी गम भरी है, लेकिन अब वह उसे बताना नहीं चाहते. उन्होंने अपने पुराने दर्द को दुकान के नाम के साथ जोड़ दिया और आज लोग इसी नाम से उन्हें पहचानते हैं.
प्यार में मिला धोखा, फिर खोली ‘बेवफा चाय’ की दुकान
रितेश कुमार यादव बताते हैं कि उन्हें प्यार में धोखा मिला था. इसके बाद उन्होंने चाय की दुकान शुरू की और इसका नाम ‘बेवफा चायवाला’ रख दिया. दुकान पर वह पीतल के बर्तन में चाय बनाते हैं और लोगों को चाय पिलाते हैं. दुकान के नीचे उन्होंने अपना दर्द एक लाइन में लिख दिया- ‘क्या लेंगे आप, चाय या धोखा?’ रितेश के मुताबिक उनकी दुकान पर दूर-दूर से लोग चाय पीने आते हैं. उनका दावा है कि यहां डीएम से लेकर बड़े सरकारी अधिकारी और नेता भी चाय पीने आ चुके हैं.
पहले चलाते थे ट्रक, फिर जिंदगी ने बदला रास्ता
रितेश के दोस्त गौरव पांडेय बताते हैं कि लोग लॉकडाउन के समय से यहां चाय पीने आ रहे हैं. उनके मुताबिक रितेश की चाय का स्वाद अच्छा है और जो एक बार चाय पीता है, वह दोबारा भी आता है. लॉकडाउन से पहले रितेश ट्रक चलाते थे. इसी दौरान उनकी एक लड़की से दोस्ती और फिर प्यार हुआ. दोनों के बीच काफी लगाव था, लेकिन बाद में रितेश को धोखा मिला. इसके बाद उन्होंने ट्रक चलाना छोड़ दिया और चाय की दुकान शुरू कर दी. प्यार में मिले धोखे की वजह से दुकान का नाम ‘बेवफा चायवाला’ रखा. यह दुकान बलिया से बांसडीह जाने वाले रास्ते पर पिंडारा पेट्रोल पंप के सामने है.
पीतल के बर्तन में बनती है चाय
ग्राहक गिरावन प्रसाद बताते हैं कि यहां की चाय का स्वाद उन्हें बहुत अच्छा लगता है. वह रोज यहां चाय पीने आते हैं. उनका कहना है कि रितेश पीतल के बर्तन में चाय बनाते हैं और मिट्टी के बर्तन में पीने के लिए देते हैं. इससे चाय का स्वाद और अच्छा लगता है. गिरावन के मुताबिक बलिया के अलग-अलग इलाकों से लोग यहां चाय पीने आते हैं. दुकान के नाम के पीछे रितेश की प्यार की कहानी है और इसी वजह से ‘बेवफा चायवाला’ अब लोगों के बीच चर्चा में है. दुकान पर लिखा ‘क्या लेंगे आप, चाय या धोखा?’ लोगों का ध्यान खींचता है और कई लोग चाय के साथ रितेश की कहानी भी पूछते हैं.
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Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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