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CINTAA Controversy: सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सिंटा का विवाद अब बैंक खातों तक पहुंच गया है. एक्ट्रेस उपासना सिंह और नगमा ने पूनम ढिल्लों व पद्मिनी कोल्हापुरे पर संस्था के फ्रीज अकाउंट्स खुलवाने और 90 लाख की एफडी तोड़ने का आरोप लगाया है. जानिए कोर्ट की तारीख से पहले क्यों शुरू हुआ यह नया घमासान!
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी पर भड़कीं उपासना सिंह(फोटो साभार- आईएएनएस)
नई दिल्ली: सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सिंटा में चल रहा विवाद अब और गहरा गया है. कमेटी की खींचतान के बीच अब संस्था के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. सिंटा की पूर्व पदाधिकारी और एक्ट्रेस उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर संस्था के फंड का गलत इस्तेमाल करने का दावा किया है.
उपासना सिंह और एक्ट्रेस नगमा का आरोप है कि कमेटी भंग होने के बाद भी फ्रीज बैंक अकाउंट्स को खुलवाया गया और सिंटा की करीब 90 लाख रुपए की एफडी तोड़कर पैसे ट्रांसफर किए गए.
फ्रीज बैंक अकाउंट्स को खोलने का दावा
आईएएनएस से बात करते हुए उपासना सिंह ने बताया कि सिंटा के अलग अलग पांच बैंकों में अकाउंट्स और एफडी मौजूद हैं. जब पुरानी कमेटी भंग हुई थी तब ट्रेजरर दीपक पाराशर थे. उस समय सभी बैंकों को लेटर भेजकर कहा गया था कि जब तक कोर्ट का फैसला या नई कमेटी का गठन न हो जाए, तब तक खातों को फ्रीज रखा जाए. उपासना का आरोप है कि इसके बावजूद बिना मेंबर्स की परमिशन के अकाउंट दोबारा खुलवाए गए और एफडी का पैसा दूसरे खातों में शिफ्ट कर दिया गया.
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर लगाए आरोप
उपासना सिंह ने इस पूरे मामले में पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे और पेंटल पर सीधे आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ये लोग ऑफिस स्टाफ के साथ बैंक गए थे. वहां सिंटा के पुराने पेपर्स और स्टैंप दिखाकर केवाईसी प्रोसेस पूरा कराया गया. उपासना का दावा है कि इन लोगों ने खुद को सिंटा कमेटी का मेंबर बताकर बैंक अकाउंट्स एक्टिवेट कराए. उन्होंने सवाल उठाया कि किसी भी संस्था की एफडी को तोड़ने से पहले मेंबर्स की सहमति जरूरी होती है, लेकिन यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं.
कर्मचारियों की सैलरी पर नगमा ने उठाए सवाल
दूसरी तरफ एक्ट्रेस नगमा ने भी सिंटा के पैसों के इस्तेमाल पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. नगमा का कहना है कि एफडी का पैसा तोड़कर ऑफिस स्टाफ की सैलरी दी जा रही है, जो बिल्कुल गलत है. यह पैसा कलाकारों का है और इसका इस्तेमाल इस तरह नहीं होना चाहिए. नगमा ने बताया कि इस पूरे विवाद पर कोर्ट ने 26 अक्टूबर की डेट तय की है. ऐसे में कोर्ट के फैसले का इंतजार करने के बजाय ताला तोड़कर ऑफिस में बैठना और एफडी के पैसे निकालना समझ से परे है.
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