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उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने जबसे प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में उतरने का ऐलान किया है. तबसे एक बात की चर्चा खूब हो रही है कि आखिर वह किस पार्टी से चुनाव लड़ने वाली हैं. हालांकि, शुरुआती बयानों में उन्होंने यह भी कहा था कि वह फिलहाल किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल हुए बिना स्वतंत्र रूप से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने पर विचार कर रही हैं. लेकिन अखिलेश यादव ने जबसे उनके नाम के सवाल पर ‘हरा-लाल गमछा’ वाले बयान दिया है तो और अटकलों ने जोर पकड़ लिया है तो क्या क्या पूर्व IAS दिव्या मित्तल को अखिलेश यादव देंगे सपा का टिकट? जानें पूरी बात.
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के बाद उनके अगले कदम को लेकर सियासी चर्चा तेज है.
उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में कदम रखने के ऐलान के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है. इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने दिव्या मित्तल को लेकर ‘हरा-लाल गमछा’ पहनने की बात कही है. जिसके बाद इसे राजनीतिक गलियारों में सपा का खुला ऑफर माना जा रहा है. हालांकि, अखिलेश यादव ने अभी तक उन्हें सपा का टिकट देने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इस बयान के बद दिव्या मित्तल के समाजवादी पार्टी में शामिल होने और चुनावी मैदान में उतरने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं. तो बिना देर किए समझते हैं पूरी बात.
अखिलेश के एक बयान ने बढ़ाई पूर्व IAS दिव्या मित्तल को लेकर हलचल
असल में यह सारी चर्चा बस एक बयान पर होने लगी. मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव से दिव्या मित्तल के राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा गया था. इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब उन्हें तय करना पड़ेगा कि हरा गमछा और लाल गमछा डालेंगी या कोई और. अखिलेश ने हरे और लाल रंग को किसान और समाजवाद से जोड़ते हुए भी बात रखी. इसी वजह से उनके बयान को दिव्या मित्तल के लिए सपा में आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, सपा ने अभी दिव्या मित्तल को टिकट देने या उन्हें पार्टी में शामिल करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. अखिलेश यादव के इस तंज और सलाह को दिव्या मित्तल को पार्टी से जुड़ने या सपा का दामन थामने के संकेत के रूप में लिया जा रहा है. जिसकी चर्चा हो रही है.
क्या पूर्व IAS दिव्या मित्तल पूर्वांचल से लड़ सकती हैं चुनाव?
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के साथ ही उनके चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. उनके प्रशासनिक कार्यकाल को देखते हुए पूर्वांचल की कुछ सीटों का नाम चर्चा में है. जिसमें मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट से उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकल भी सामने आई है. हालांकि, अभी उनकी ओर से किसी सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए सपा का टिकट मिलने या किसी खास सीट से चुनाव लड़ने की बात फिलहाल राजनीतिक चर्चा तक ही सीमित है.
राजा भैया की पार्टी में पूर्व IAS दिव्या मित्तल के जानें की चर्चा
यही नहीं दिव्या मित्तल को लेकर एक और सियासी चर्चा खूब है. बताया जा रहा है कि वह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की तरफ से भी चुनाव लड़ सकती हैं. इसकी चर्चा तब होने लगी जब इस पार्टी के प्रधान महासचिव डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने दिव्या मित्तल के लिए एक पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट की. इसके बाद उनके राजा भैया की पार्टी से जुड़ने की अटकलें तेज हुईं. पोस्ट में दिव्या मित्तल का स्वागत करते हुए राजनीतिक संकेत दिए गए थे. हालांकि, पार्टी में शामिल होने को लेकर दिव्या मित्तल की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लिहाजा अभी सपा और राजा भैया की पार्टी, दोनों से जुड़ी बातें राजनीतिक अटकलों के रूप में ही सामने हैं.
कौन हैं दिव्या मित्तल?
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को राजनीति में आने का ऐलान किया था. उन्होंने साफ कहा था कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी. उनका कहना था कि वह आम लोगों के साथ मिलकर अपना राजनीतिक मंच तैयार करना चाहती हैं. यानी राजनीति में कदम रखने का फैसला तो उन्होंने कर लिया है, लेकिन अभी किसी पार्टी का झंडा उठाने का फैसला नहीं किया है. दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी रही हैं. उन्होंने 30 अगस्त 2026 को सेवा से इस्तीफा दिया था. उनका इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार हुआ और 15 सितंबर से प्रभावी हो गया. करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद उन्होंने अब राजनीति में आने का फैसला किया है.
UP में कई बड़े पद संभाले, अब सियासत में पूर्व IAS दिव्या मित्तल
प्रशासनिक सेवा के दौरान दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट और गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी रह चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने यूपीसीडा में संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया. दिव्या मित्तल संतकबीरनगर और मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं. राजनीति में आने का ऐलान करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताया और यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही. अब उनके राजनीतिक सफर को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. एक तरफ अखिलेश यादव के ‘हरा-लाल गमछा’ वाले बयान को सपा में आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. दूसरी तरफ राजा भैया की पार्टी से जुड़ने की चर्चा भी सामने आई है. हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.



