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Dr. Ramvilas Bharti : ऐसा शिक्षक आपने शायद ही देखा हो, जिसके निधन पर बच्चों से लेकर बड़े तक भावुक हो उठें. मऊ के राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रामविलास भारती का दिल्ली में प्रशिक्षण के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया. उनके जाने की खबर मिलते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई.
दिल्ली में प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक डॉ.रामविलास भारती का निधन.
मऊ : स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को रिश्तों की अहमियत भी समझ आती है. टीचर और छात्रों का रिश्ता सिर्फ किताबों और होमवर्क तक सीमित नहीं रहता. कई बार शिक्षक बच्चों के लिए परिवार के किसी सदस्य जैसे बन जाते हैं. बच्चे अपने सर से छोटी-छोटी बातें शेयर करते हैं, उनके साथ शरारत करते हैं और कभी-कभी घर से उनके लिए कुछ लेकर भी आते हैं. मगर, आपको एक ऐसे शिक्षक के बारे में बताएं, जिसने बच्चों के लिए खुद की सैलरी से ISRO जैसी लैब व स्मार्ट स्कूल की सुविधा दी तो आप क्या कहेंगे. हम बात कर रहे हैं डॉ. रामविलास भारती की. हाल ही में उनका निधन हो गया. उनके जाने की खबर सुनते ही बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक फूट-फूटकर रोते दिखाई दिए. आइए जानते हैं रामविलास भारती के बारे में.
यूपी के मऊ जिले के जाने-माने शिक्षाविद् और समाजसेवी डॉ. रामविलास भारती का 26 सितंबर 2026 को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया. वह भारती संस्कृति मंत्रालय के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम (CCRT) के सिलसिले में दिल्ली गए थे, जहां उनका अचानक निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही मऊ सहित शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई.
बच्चे से बड़े तक सब दुखी
जब 29 सितंबर 2026 को दोहरीघाट मुक्तिधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, तो क्षेत्र के हजारों लोग पहुंचे. वहां बच्चे, बूढ़े और नौजवान हर किसी की आंखें नम दिखाई दी. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं. उनमें देखा जा सकता है कि किस तरह बच्चे-बड़े फूट फूट कर रो रहे हैं. सोचिए राम विलास भारती ने अपने जीवन में क्या कुछ अच्छा काम किया होगा, जिनके जाने का गम एक दो लोगों को नहीं बल्कि हजारों को है.
राज्य शिक्षक पुरस्कार से मिली थी अलग पहचान
डॉ. रामविलास भारती को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिल चुका था. इस सम्मान ने उन्हें मऊ के शिक्षा जगत में एक अलग पहचान दिलाई थी. वह केवल किताबों तक सीमित रहने वाले शिक्षक नहीं थे, बल्कि अपने छात्रों और समाज से भी जुड़े रहते थे. दरअसल वे मऊ जिले के घोसी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम माछिल (जमीन माछिल) के रहने वाले थे और पूर्व माध्यमिक विद्यालय, धरौली में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत थे. वह अपनी सैलरी का एक भाग स्कूल में लगाते थे. उन्होंने अपने निजी खर्च और प्रयासों से सरकारी स्कूल की सूरत बदल दी थी और विद्यालय में इसरो (ISRO) जैसी लैब स्थापित करवाकर एक स्मार्ट स्कूल बनाया था. शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका था.
यही वजह है कि उनके निधन की खबर ने उन लोगों को भी भावुक कर दिया, जो कभी उनके विद्यार्थी रहे थे. एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी बात शायद ही कोई हो कि उसके पढ़ाए बच्चे बड़े होने के बाद भी उसे याद रखें. बुधवार शाम करीब चार बजे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान स्व. डॉ. रामविलास भारती के आवास माछिल जमीन माछिल पहुंचे. उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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