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Kanpur Sasur Hatyakand: शालू की रिहाई को लेकर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी क्षेत्र) एस.एम. कासिम आब्दी ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद शालू को शाम करीब साढ़े सात बजे रिहा कर दिया गया. पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी बनाए गए विशाल गौतम के बयान के आधार पर शालू को गिरफ्तार किया गया था. विशाल ने जांचकर्ताओं को बताया था कि विनीत मनोचा की हत्या शालू के कहने पर की गई थी. उसने दावा किया था कि हत्या के बदले शालू ने उसे छह लाख रुपये देने और नौकरी दिलाने का वादा किया था.
कानपुर करोड़पति दवा व्यापारी की हत्या मामले में शालू हुई रिहा.
कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद उनकी बहू शालू मनोचा को सोमवार को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया. पुलिस ने जांच में शालू के हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने शालू को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने उन्हें जरूरत पड़ने पर अदालत या जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश भी दिया. शालू ने एक निजी चैनल को इंटरव्यू दिया और कई सारे सवालों के जवाब दिए.
पेश हैं इंटरव्यू के कुछ अंश
कैसा लग रहा है, आप बाहर आ गई हैं, पति अंदर ही हैं जेल में
अभी तो मैं कुछ भी स्टेट ऑफ माइंड में नहीं हूं पर बहुत खुशी है मुझे कि मैं अपने परिवार और बच्चे से मिलने जा रही हूं. सबसे ज्यादा मुझे अपने बच्चे से मिलने की आवश्यकता हो रही है.
आपको क्या इस बात का आइडिया था, या इल्म था कि जो आपके पति सूब्रत हैं, वो इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड निकलेंगे, उनके द्वारा यह काम किया जाएगा
नहीं, मुझे बिल्कुल भी इस चीज का आइडिया नहीं था. सुब्रत या कोई भी. मुझे बिल्कुल भी आइडिया नहीं था कि ये सब क्या हुआ है. मेरे लिए तो बिल्कुल शॉकिंग सिचुएशन थी, जो हुआ है. जो भी मेरे साथ हुआ है.
क्या आपने पूछा सुब्रत से कि तुमने ऐसा क्यों किया या मुझे क्यों फंसाया. उस वक्त सुब्रत ने क्या बोला, आपके सामने, जब पुलिस से पूछताछ चल रही थी.
सुब्रत यही बोल रहे थे कि उन्होंने कुछ नहीं किया है. सुब्रत थोड़े सीक्रेटिव थे, तो इतना जल्दी शेयर नहीं करते थे.
खुद किया नहीं किया नहीं मालूम, लेकिन उन्होंने आपका नाम लिया, इस बात का दुख है
बिल्कुल, मैं अभी कुछ भी स्टेट ऑफ माइंड में नहीं हूं. मैं समझ ही नहीं पा रही हूं कि क्या हुआ है मेरे साथ एकदम से, बिना कुछ करे मुझे इतनी सजा मिली.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
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