Last Updated:
Bareilly News: बरेली के करीब 212 मकान, दुकान और गेस्ट हाउस को नोटिस दे दिया गया है और उनके घर या दुकानों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं. जिले में सीएम ग्रिड योजना के फेज-3 को लेकर नगर निगम ने ये एक्शन लिया है, जिसको लेकर आम जनता में नाराजगी देखने को मिल रही है.
बरेली: बरेली में सीएम ग्रिड योजना के फेज-3 को लेकर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है. महर्षि कश्यप चौराहे से ईदगाह तक सड़क चौड़ीकरण और क्षेत्र के विकास की योजना के तहत सड़क के किनारे, साइड पट्टी और नाले की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को चिन्हित किया गया है. नगर निगम के मुताबिक, इस मार्ग पर करीब 212 मकान, दुकान और गेस्ट हाउस चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं.
नगर निगम के अधिकारी के मुताबिक, संबंधित लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है. इस अवधि में उन्हें अपनी संपत्ति और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे. अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों के आधार पर संबंधित लोगों के प्रत्यावेदन का निस्तारण किया जाएगा. वहीं, निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में नगर निगम एक्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी ने बताया कि सड़क के दोनों ओर जिस हिस्से को अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया गया है, उसका सर्वे कर संबंधित यूनिट्स को नोटिस दिए गए हैं. इसमें आवासीय भवनों के साथ दुकानें और गेस्ट हाउस भी शामिल हैं.
रोजी-रोटी पर मंडरा रहा संकट
वहीं, नगर निगम की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके पास जमीन की रजिस्ट्री, बीडीए से स्वीकृत नक्शे और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं. व्यापारियों का कहना है कि यदि दुकानों और मकानों का हिस्सा पीछे हटाया जाता है, तो उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा और छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है.
वैध दस्तावेज वाले लोगों की पहले की जाए जांच
स्थानीय निवासी सरफराज अहमद और अन्य व्यापारियों ने मांग की है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं, उनके मामलों की पहले जांच की जाए और कार्रवाई से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए. दूसरी ओर नगर निगम का कहना है कि सीएम ग्रिड योजना सिर्फ सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है. योजना के तहत फुटपाथ, पार्किंग, प्लांटेशन, बैठने के लिए बेंच, यूटिलिटी शिफ्टिंग और ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं.
About the Author

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
और पढ़ें

