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Lakhimpur News: लखीमपुर खीरी में किसान अब पारंपरिक गन्ने की खेती के साथ केले की खेती की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं. तराई क्षेत्र के फूलबेहड़ इलाके में कई किसान बड़े पैमाने पर केले की खेती कर रहे हैं. श्याम मिश्रा के मुताबिक उनके खेत में इस समय G9 गोल्ड वैरायटी के केले लगे हैं. उन्होंने बताया कि यह वैरायटी किसानों के बीच पसंद की जा रही है. केले की रोपाई के बाद फसल को तैयार होने में लगभग 14 से 15 महीने का समय लग सकता है. इसके बाद बाजार में अच्छा भाव मिलने पर किसान को बेहतर आमदनी हो सकती है.
लखीमपुर खीरीः जिले में किसान अब पारंपरिक गन्ने की खेती के साथ केले की खेती की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं. तराई क्षेत्र के फूलबेहड़ इलाके में कई किसान बड़े पैमाने पर केले की खेती कर रहे हैं. बाजार में केले की मांग बनी रहने के चलते किसान इसे अतिरिक्त आमदनी का जरिया मान रहे हैं केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जाता है. फूलबेहड़ क्षेत्र के किसान श्याम मिश्रा ने बताया कि उन्होंने करीब 20 बीघा जमीन में केले की फसल लगाई है. उनके मुताबिक केले की खेती में सही उत्पादन और बाजार भाव मिलने पर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. हालांकि, मौसम केले की फसल के लिए बड़ी चुनौती भी है. तेज हवा, बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम में फसल को नुकसान होने की आशंका रहती है.
G9 गोल्ड वैरायटी की कर रहे खेती
श्याम मिश्रा के मुताबिक उनके खेत में इस समय G9 गोल्ड वैरायटी के केले लगे हैं. उन्होंने बताया कि यह वैरायटी किसानों के बीच पसंद की जा रही है. केले की रोपाई के बाद फसल को तैयार होने में लगभग 14 से 15 महीने का समय लग सकता है. इसके बाद बाजार में अच्छा भाव मिलने पर किसान को बेहतर आमदनी हो सकती है. बाजारों में इस समय केला का भाव ₹800 से लेकर ₹1000 कुंतल के हिसाब से बिक रहा है. केले की खेती शुरू करने वाले किसानों के लिए पौधों की संख्या भी महत्वपूर्ण होती है. सामान्य तौर पर एक बीघे में करीब 380 पौधे लगाए जा सकते हैं. खेती शुरू करने से पहले मिट्टी, सिंचाई, जल निकासी, पौधों की दूरी और बाजार की उपलब्धता की जानकारी लेना जरूरी है.
उद्यान विभाग से मिल सकता है अनुदान
केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. जिला उद्यान अधिकारी लखीमपुर मृत्युंजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई भी किसान केला की खेती करना चाहता है तो ऑनलाइन आवेदन करना होगा. पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों का चयन किया जाता है. केला की खेती करने के लिए किसानों को 40% का अनुदान दिया जाता है. जिससे किसान आसानी से केला की खेती कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सके.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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