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UP Hotels Restaurants Unhygienic Food: उत्तर प्रदेश में ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने 6 बड़े जिलों के 317 होटलों और रेस्टोरेंटों में जांच अभियान चलाया. इस दौरान कई नामी-गिरामी होटलों और छोटे रेस्टोरेंटों में खाने की शुद्धता और साफ-सफाई की घोर अनदेखी मिली. जांच में एक्सपायर्ड और फफूंद लगी खाद्य सामग्री, कॉकरोच, वेज-नॉनवेज को एक साथ रखने और गंदे किचन जैसी कई गंभीर लापरवाही सामने आई हैं. विभाग ने कुछ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है.
यूपी के कई नामी होटलों में खाना के नाम पर बिक रहा अनहाइजेनिक फूड.
UP Hotels Restaurants: उत्तर प्रदेश में बाहर का खाना खाने के शौकीन लोगों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर है. खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत कई नामी होटलों और रेस्टोरेंटों में खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की पोल खुल गई है. विभाग ने कानपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद, अयोध्या, बरेली और गोरखपुर समेत 6 जिलों में 317 होटलों और रेस्टोरेंटों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस जांच में सात, पांच और तीन सितारा होटलों से लेकर छोटे ढाबे तक शामिल थे.
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को कई प्रतिष्ठानों में चौंकाने वाली स्थितियां मिलीं. कुछ रेस्टोरेंटों की रसोई में भारी गंदगी, कॉकरोच, कीड़े-मकोड़े और मक्खियां भिनभिनाती पाई गईं. इससे भी गंभीर बात यह है कि कई जगहों पर फंगस लगी और एक्सपायरी डेट पार कर चुकी खाद्य सामग्री का बेधड़क इस्तेमाल किया जा रहा था. कानपुर के मशहूर ‘काके की हट्टी’ में गंदगी, कीड़े-मकोड़े और गंदा पानी भरा मिला, वहीं अयोध्या के अंदाना रेस्टोरेंट में फंगस लगा और एक्सपायर्ड खाना पाया गया. बरेली और मुरादाबाद के रेस्टोरेंटों में भी जाम ड्रेनेज और कॉकरोच पाए गए.
वेज और नॉनवेज को लेकर भारी लापरवाही
जांच में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई. कई जगहों पर शाकाहारी (वेज) और मांसाहारी (नॉनवेज) खाने को अलग रखने के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था. कई रेस्टोरेंटों में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक ही फ्रीजर में रखे हुए पाए गए. इसके अलावा, प्रयागराज के अर्बन रेजिडेंसी होटल और गोरखपुर के रामकृष्ण होटल जैसी जगहों पर वेज और नॉनवेज खाना एक साथ या एक ही बर्तन में बनाया जा रहा था, जिससे ‘क्रॉस-कंटेमिनेशन’ (संक्रमण) का भारी खतरा रहता है.
लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस जांच के बाद कड़ा रुख अपनाया है. जहां सामान्य कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं. लेकिन जिन होटलों और रेस्टोरेंटों में गंभीर अनियमितताएं (जैसे फफूंद लगा खाना या वेज-नॉनवेज में लापरवाही) मिली हैं, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. कुछ मामलों में तो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तक निलंबित करने की सिफारिश की गई है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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