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सही समय, उन्नत बीज और सटीक तकनीक-अगर खेती में इन तीन बातों का तालमेल बैठ जाए, तो सामान्य सा खेत भी मुनाफे की टकसाल बन सकता है. उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के प्रगतिशील किसान अब्दुल्ला ने इसे सच कर दिखाया है. आशा एफ1 (Asha F1) हाइब्रिड शिमला मिर्च की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर अब्दुल्ला न सिर्फ प्रति बीघा 20 क्विंटल तक रिकॉर्ड पैदावार ले रहे हैं, बल्कि लागत काटकर ₹1.5 लाख तक का शुद्ध मुनाफा भी कमा रहे हैं. नर्सरी तैयार करने से लेकर बाजार में उपज बेचने तक, जानिए उनकी सफलता का पूरा गणित.
रामपुर: शिमला मिर्च की खेती अगर सही किस्म, सही समय और अच्छी देखभाल के साथ की जाए तो किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है. रामपुर के किसान अब्दुल्ला कई सालों से आशा एफ1 वैरायटी की शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं. इस बार भी उन्होंने करीब एक एकड़ में इसकी खेती की है. किसान के मुताबिक इस वैरायटी में एक बीघा में करीब 20 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है. वहीं बाजार में भाव 30 रुपये किलो के आसपास मिल जाए तो लागत निकालने के बाद एक बीघा से 1 से 1.5 लाख रुपये तक मुनाफा हो जाता है.
नर्सरी की तैयारी और देखरेख
अब्दुल्ला बताते हैं कि शिमला मिर्च की खेती सीधे खेत में बीज डालकर नहीं की जाती. सबसे पहले इसकी नर्सरी तैयार की जाती है. आमतौर पर मौसम और इलाके के हिसाब से नर्सरी तैयार करने का समय अलग हो सकता है. अच्छी देखभाल मिलने पर शिमला मिर्च की पौध करीब 25 से 30 दिन में रोपाई के लिए तैयार हो जाती है. किसान के मुताबिक पहले बीजों की नर्सरी तैयार करते हैं. इसमें बीजों को अच्छी मिट्टी और उचित नमी वाले स्थान पर लगाया जाता है. फिर पौध निकलने के बाद पानी, पोषण और रोगों से बचाव का ध्यान रखा जाता है. जब पौधे मजबूत होकर खेत में लगाने लायक हो जाते हैं तब उनकी रोपाई की जाती है.
खेत की तैयारी और रोपाई का तरीका
पौध लगाने से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी होता है. इसके लिए खेत की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा करके खेत में पानी की निकासी की व्यवस्था ठीक से की जाती है, क्योंकि ज्यादा पानी रुकने से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. खेत तैयार होने के बाद जरूरत के मुताबिक क्यारियां या बेड बनाए जाते हैं और उनमें तैयार पौधों की रोपाई की जाती है. पौधों के बीच उचित दूरी रखना भी जरूरी है ताकि उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिले और खेत में हवा का आवागमन बना रहे.
आशा एफ1 किस्म की खूबियां
आशा एफ1 को हाइब्रिड शिमला मिर्च की किस्म के तौर पर किसान इसकी अच्छी पैदावार और फल की गुणवत्ता के लिए पसंद करते हैं. इसके फल आमतौर पर गहरे हरे, चमकदार और ब्लॉक आकार के होते हैं. इनमें तीन से चार लोब देखने को मिलते हैं. फल का वजन करीब 150 से 200 ग्राम तक होता है. इस किस्म के फल मजबूत और मोटी दीवार वाले होते हैं, इसलिए इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में भी सुविधा रहती है. किसान अब्दुल्ला के मुताबिक इस वैरायटी की शिमला मिर्च देखने में अच्छी होती है और आकार भी बढ़िया आता है.
लागत, पैदावार और मुनाफा
किसान अब्दुल्ला बताते हैं कि वह कई सालों से आशा वैरायटी की शिमला मिर्च उगा रहे हैं. इस बार उन्होंने करीब एक एकड़ में इसकी बुवाई की है. पहले नर्सरी तैयार की और अब तैयार पौधों को खेत में लगाया जा रहा है. अब्दुल्ला के मुताबिक शिमला मिर्च की कमाई काफी हद तक बाजार भाव पर निर्भर करती है. अगर किसान को करीब 30 रुपये किलो का भाव मिल जाए तो अच्छी कमाई हो सकती है. उनके अनुसार एक बीघा में करीब 20 क्विंटल तक पैदावार मिल जाती है. वहीं लागत को लेकर किसान बताते हैं कि अच्छी फसल तैयार करने में करीब 10 हजार रुपये प्रति बीघा तक खर्च आता है. बाजार में अच्छा भाव मिलने पर लागत निकालने के बाद एक बीघा से करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक मुनाफा कमाया जा सकता है.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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