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UP Chunav 2027: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सत्ता विरोधी लहर के कारण हर दल के लिए कठिन होगा. उन्होंने विपक्षी दलों पर घमंड का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार अपील के बावजूद AIMIM को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. ओवैसी के अनुसार, यूपी में मुसलमानों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक की तरह हो रहा है, जबकि उनके पास मजबूत राजनीतिक नेतृत्व की कमी है. उन्होंने राज्य में अपनी रैलियां शुरू कर दी हैं और गठबंधन न होने की स्थिति में पार्टी 150 से 200 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि इस बार का यूपी चुनाव किसी के लिए आसान नहीं होगा.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि आने वाला चुनाव राज्य के किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं रहने वाला है. एचटी मीडिया से खास बातचीत के दौरान ओवैसी ने 2027 के चुनावी माहौल पर अपनी बात रखी. उन्होंने साफ कहा कि आने वाला चुनाव पिछले पैटर्न से बिल्कुल अलग होगा.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- ‘2027 का चुनाव पिछले (2022) असेंबली और (2024) पार्लियामेंट्री चुनावों से काफी अलग होगा. यह हर असेंबली सीट के आधार पर लड़ा जाएगा. इनकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) निश्चित रूप से एक बड़ा फैक्टर होगी. यह सभी के लिए एक मुश्किल चुनाव होगा, कोई भी पार्टी इसे हल्के में नहीं ले सकती.’
विपक्षी दलों के ‘घमंड’ और गठबंधन पर बड़ा बयान
तीसरा मोर्चा बनाकर विपक्षी वोटों में सेंध लगाने के आरोपों पर ओवैसी ने विपक्षी दलों की नीयत पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उनकी प्रदेश लीडरशिप राज्य की विभिन्न पार्टियों से बातचीत कर रही है और अगले महीने तक गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- ‘अगर मैं बार-बार अलायंस (गठबंधन) के लिए कहूं और बड़ी पार्टियां हमें पूरी तरह से नजरअंदाज कर दें, तो मैं और क्या कर सकता हूं? मुझे लगता है कि यह कुछ विपक्षी नेताओं का घमंड है.’
‘यूपी में मुसलमानों को बनाया जा रहा है सिर्फ वोट बैंक’
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि राज्य में मुसलमानों के पास धार्मिक नेतृत्व तो है, लेकिन मजबूत राजनीतिक नेतृत्व की भारी कमी है.
हम चाहते हैं कि मुसलमान उत्तर प्रदेश में एक मजबूत पॉलिटिकल एजेंसी बनें. सिर्फ चुनाव के दिन वोट डाल देने से कोई राजनीतिक ताकत नहीं बन जाता. यूपी में मुसलमानों को हल्के में लिया जा रहा है, जबकि दूसरी जातियां और समाज सत्ता में बैठे लोगों से खुलकर मोलभाव कर रहे हैं. – असदुद्दीन ओवैसी
यूपी में ओवैसी की ताबड़तोड़ रैलियां और 200 सीटों का प्लान
ओवैसी ने 14 जून को बहराइच के मटेरा से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद वे बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर और कानपुर में बड़ी जनसभाएं कर चुके हैं. आने वाले दिनों में श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी उनकी रैलियां प्रस्तावित हैं. AIMIM के नेताओं के अनुसार, अगर विपक्षी दलों के साथ कोई गठबंधन नहीं होता है, तो पार्टी उत्तर प्रदेश की 150 से 200 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. बिहार विधानसभा चुनावों में मिले बेहतर नतीजों के बाद पार्टी यूपी में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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