मथुरा: केंद्र और राज्य सरकार लोगों के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर उतार रही हैं. इन योजनाओं का लाभ लगातार लाभार्थियों को दिया जा रहा है. एक योजना ऐसी है, जो निराश्रित बच्चों को हर महीने अनुदान दे रही है. योजना का लाभ किस तरह से लाभार्थी ले सकते हैं और आवेदन करने के लिए किन-किन कागजों की जरूरत होती है, इसकी जानकारी हम आपको बताते हैं.
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से बच्चों को मिल रहा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनेकों ऐसी योजनाएं धरातल पर उतार रखी हैं, जो लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं. सरकार की एक योजना ऐसी है, जिसके तहत बच्चों को हर महीने अनुदान दिया जाता है. इस योजना के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए अनुदान राशि प्रति माह दी जाती है. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत निराश्रित बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाता है.
माता-पिता की मृत्यु होने पर मिलती है अनुदान राशि
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने लोकल 18 को योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य बहुत ही अच्छी और लाभकारी योजना है. इस योजना का लाभ ऐसे परिवार के बच्चों को दिया जाता है, जिनके माता-पिता या दोनों की मृत्यु हो चुकी हो. बच्चों को 2500 रुपये प्रति माह अनुदान राशि दी जाती है. यह अनुदान राशि बच्चों के बैंक खाते में आती है.
तीन महीने में बैंक खाते में डाली जाती है राशि
विकास कुमार ने बताया कि यह राशि तिमाही किस्त के रूप में लाभार्थी के बैंक खाते में डाली जाती है. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के तहत बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए यह अनुदान राशि दी जाती है. जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो जाती है, उन्हें आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती है. वे अपना स्कूल का कार्ड लगाकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि अगर बच्चा शिक्षा ग्रहण कर रहा है, तभी यह योजना उसके लिए लागू होगी.
योजना के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. इनमें मृतक माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, बच्चे का आधार कार्ड, बैंक पासबुक और स्कूल में एडमिशन का रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल है.
ऑफलाइन होता है योजना का रजिस्ट्रेशन
योजना के तहत निराश्रित बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए अनुदान दिया जा रहा है. 2500 रुपये प्रति माह की राशि तीन महीने की किस्त में बैंक खाते में डाली जाती है. योजना के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन किया जाता है.

