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बॉलीवुड के वर्सेटाइल एक्टर आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी अपकमिंग फैमिली-ड्रामा फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ की रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं. आयुष्मान इस फिल्म में शरवरी के साथ नजर आने वाले हैं. ‘ये प्रेम मोल लिया’ में शरवरी और आयुष्मान पहली बार साथ दिखेंगे.
नई दिल्ली. सूरज बड़जात्या अपनी फैमिली स्टाइल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. अब वो आयुष्मान और शरवरी के साथ फिल्म ये प्रेम मोल लिया लेकर आ रहे हैं. इस फिल्म का हाल की में टाइटल ट्रैक रिलीज हुआ. इस गाने के लॉन्च के दौरान अभिनेता ने अपने फिल्मी सफर और बचपन की यादों को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए.
आयुष्मान खुराना ने फिल्म के टाइटल ट्रैक रिलीज के दौरान बताया कि सूरज बड़जात्या के साथ काम करना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था. आयुष्मान ने बातचीत के दौरान साझा किया कि उन्हें असल मायनों में हिंदी सिनेमा से गहरा लगाव 1994 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ देखने के बाद हुआ था.
एक्टर ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उस फिल्म में जिस तरह से कई परिवारों को एक साथ खुशी मनाते और रिश्तों को निभाते हुए दिखाया गया था, उसने उनके दिल पर गहरी छाप छोड़ी थी. आयुष्मान खुराना ने कहा, ‘उस फिल्म को देखने के बाद मुझे ‘प्रेम’ नाम से और हिंदी सिनेमा के साथ-साथ हमारे संयुक्त परिवारों की ताकत से एक अलग ही किस्म का प्यार हो गया था’.
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आज जब वह खुद राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, तो उन्हें इस बात पर विश्वास ही नहीं होता कि वह इस प्रतिष्ठित बैनर के हीरो बन चुके हैं. राजश्री प्रोडक्शन हाउस के साथ अपने इस खास रिश्ते पर बात करते हुए आयुष्मान ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि यह बंधन सिर्फ उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह पूरे हिंदुस्तान और यहां के हर एक परिवार का साझा रिश्ता है.
आयुष्मान खुराना ने आगे कहा कि पीढ़ियों से राजश्री ने अपनी फिल्मों के माध्यम से भारतीय परिवारों को सिनेमाघरों और संस्कृति से जोड़े रखने की जो बड़ी जिम्मेदारी उठाई है. वो वाकई बेहद खूबसूरत और सराहनीय है.
इस दौरान आयुष्मान ने फिल्म के निर्देशक सूरज बड़जात्या से जुड़ा एक बेहद प्यारा और अनमोल किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि सेट पर सूरज बड़जात्या के संस्कार और उनकी सादगी ने उनका दिल जीत लिया.
आयुष्मान ने याद करते हुए बताया, ‘जब भी सूरज सर मेरी वैनिटी वैन में आते थे, तो वह अंदर कदम रखने से पहले हमेशा अपने जूते बाहर ही उतार देते थे. मैं उनसे बार-बार कहता था कि, ‘सर, प्लीज जूते मत उतारिए, आप वैनिटी के अंदर आ जाइए, लेकिन वह कभी मेरी बात नहीं मानते थे’.
एक्टर आगे कहते हैं कि सूरज बड़जात्या हमेशा जूते बाहर उतारकर अंदर आते थे. आयुष्मान आगे कहते हैं, ‘इसके बाद मैं उनके चरण स्पर्श करते थे. वह मुझे आशीर्वाद में ‘आयुष्मान भव’ कहते थे और फिर मुझे सीन समझाते थे’. अभिनेता का मानना है कि यह अनुभव उनके लिए सिर्फ किसी बचपन के सपने के सच होने जैसा नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन का एक बहुत बड़ा और अनमोल पल है.

