@जे0 के0……

Sonbhadra। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से लहसुन और प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत बागवानी मिशन के मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों को खेती की लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन और प्याज की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के तहत 100 हेक्टेयर में प्याज और 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन की खेती कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत दोनों फसलों की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर निर्धारित लागत 50 हजार रुपये है। इस पर 40 प्रतिशत की दर से किसानों को 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों को खेती की शुरुआती लागत कम करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) के माध्यम से उन्नत किस्म के लहसुन और प्याज के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गुणवत्तापूर्ण बीज के इस्तेमाल से फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ प्रथम आवक, प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा।
इच्छुक किसानों को समय रहते आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। किसान उद्यान विभाग की डीबीटी वेबसाइट पर पंजीकरण कर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे जिले में लहसुन-प्याज की खेती का क्षेत्र बढ़ने के साथ किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलने की उम्मीद है।