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प्रयागराज की जिला अदालत में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी पर केस दर्ज करने की याचिका से हड़कंप मच गया. कोर्ट ने क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज कर दिया है. इसके साथ ही अदालत ने केस दाखिल करने वाले अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है.
PM, गृहमंत्री और CM योगी पर केस करने गए वकील पर 50 हजार का जुर्माना. (सांकेतिक तस्वीर)
प्रयागराज: प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा दाखिल करना प्रयागराज के एक वकील को काफी भारी पड़ गया. प्रयागराज की जिला अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दाखिल क्रिमिनल रिवीजन अर्जी को न सिर्फ सिरे से खारिज कर दिया है, बल्कि याचिकाकर्ता अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार रुपये का हर्जाना भी ठोक दिया है. प्रभारी जिला जज जयेंद्र कुमार की अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए यह फैसला सुनाया है.
जानकारी के मुताबिक, जिला कोर्ट के अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय ने भारत सरकार के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, देश के उपराष्ट्रपति, यूपी के मुख्यमंत्री और अन्य के खिलाफ एसीजेएम (ACJM) कोर्ट में बीएनएस (BNS) की धारा 255 के तहत एक परिवाद (कंप्लेंट केस) दाखिल किया था. अपनी याचिका में वकील ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इन सभी नेताओं ने संवैधानिक पद पर रहते हुए और संविधान की शपथ लेने के बावजूद अपने पद का दुरुपयोग किया है.
एसीजेएम कोर्ट से झटके के बाद जिला जज के पास पहुंचे थे वकील
मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान एसीजेएम की अदालत ने तथ्यों को अपर्याप्त और निराधार मानते हुए इस कंप्लेंट केस को खारिज कर दिया था. एसीजेएम कोर्ट से झटका लगने के बाद याची अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय ने इस फैसले को चुनौती देते हुए जिला जज की अदालत का रुख किया और वहां क्रिमिनल रिवीजन अर्जी दाखिल कर दी.
कोर्ट ने खारिज की अर्जी, लगाया 50 हजार का जुर्माना
जिला जज की अदालत में सुनवाई के दौरान डीजीसी (क्रिमिनल) मनोज कुमार पांडेय ने सरकार का पक्ष रखते हुए इस क्रिमिनल रिवीजन अर्जी का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने अदालत में दलील दी कि एसीजेएम कोर्ट ने मामले के सभी तथ्यों का गहन अवलोकन करने के बाद ही बिल्कुल सही फैसला लेते हुए कंप्लेंट केस को खारिज किया था.
प्रभारी जिला जज जयेंद्र कुमार की अदालत (एडीजे कोर्ट) ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना. अदालत ने एसीजेएम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए क्रिमिनल रिवीजन अर्जी को आधारहीन मानकर खारिज कर दिया. इसके साथ ही, अदालत ने इस तरह की याचिका दाखिल करने पर कड़ा संदेश देते हुए याची अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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